कोलकाता, 22 अगस्त । तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में जिस तरह लक्ष्मी भंडार की राशि दी गई, उससे लोगों की आदत खराब हो गई है। लेकिन यह समझना होगा कि अन्नपूर्णा योजना के तहत केवल पात्र लोगों को ही राशि मिलेगी। बाकी लोगों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। अन्नपूर्णा योजना के तहत तीन हजार रुपये नहीं मिलने की शिकायत को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में बढ़ रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच राज्य के पंचायत मंत्री दिलीप घोष ने शनिवार को यह टिप्पणी की।
शनिवार सुबह भ्रमण के लिए निकले दिलीप घोष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोगों को लक्ष्मी भंडार की राशि मिलने की आदत हो गई है। उन्होंने कहा कि यह भी समझना चाहिए कि सभी सुविधाएं सभी लोगों के लिए नहीं होती हैं। केंद्र सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। राज्य सरकार ने भी कई योजनाएं चलाई हैं। हर योजना की अपनी सीमा और पात्रता तय है। जो लोग निर्धारित पात्रता के दायरे में आएंगे, उन्हें ही राशि मिलेगी।
दिलीप घोष ने कहा, “सबको दान-दक्षिणा दी जाएगी, इस तरह की आदत तृणमूल कांग्रेस ने खराब कर दी है। यह बात सभी को समझनी होगी। यह चल नहीं सकता।”
करीब दो सप्ताह पहले प्रशासन के शीर्ष स्तर से आश्वासन दिया गया था कि अन्नपूर्णा योजना के लिए पात्र माने जाने वाले लाभार्थियों को 17 अगस्त से राशि दी जाएगी। लेकिन राशि नहीं मिलने की शिकायत को लेकर गुरुवार से राज्य के विभिन्न स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन और रास्ता अवरोध शुरू हो गया।
शुक्रवार को मेदिनीपुर पहुंचीं राज्य की नगर विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल को भी इस मुद्दे पर सवालों का सामना करना पड़ा। कर्नेलगोला के पास भाजपा के नेता और कार्यकर्ता मंत्री का स्वागत कर रहे थे। उसी समय वहां मौजूद कई महिलाओं ने उनसे पूछा, “दीदी, अन्नपूर्णा भंडार क्यों नहीं मिल रहा है?”
इस सवाल के बाद नगर विकास मंत्री कुछ असहज दिखाई दीं। उन्होंने महिलाओं को इस समस्या के संबंध में स्थानीय विधायक से बात करने की सलाह दी।
अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल कांग्रेस के करीबी एक वर्ग पर साजिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “मुझे यह कहते हुए खराब लग रहा है, लेकिन अंदर तृणमूल के बहुत से लोग बैठे हैं। वे बहुत गड़बड़ी कर रहे हैं। वे देखकर योग्य लोगों को राशि नहीं देकर अयोग्य लोगों को राशि दे रहे हैं। इसी कारण योग्य लोग नाराज हो रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राजनीति का हिस्सा है और धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। अग्निमित्रा पाल ने यह भी कहा कि वह इस पूरे विषय की जानकारी मुख्यमंत्री को देंगी।
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