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कोलकाता, 30 जुलाई । पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से केंद्र सरकार की नई ‘भाव्य रसायन’ योजना के तहत राज्य में एक समर्पित रसायन पार्क स्थापित करने के लिए मजबूत दावेदारी पेश करने का आग्रह किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक तैयारी जल्द शुरू करने की अपील की है।

भट्टाचार्य ने अपने पत्र में कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 जुलाई को तीन हजार 30 करोड़ रुपये की ‘भाव्य रसायन’ योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से देश में तीन समर्पित रसायन पार्क विकसित किए जाएंगे।

उन्होंने रसायन पार्क के लिए सिंगुर, हल्दिया, रघुनाथपुर और दुर्गापुर को संभावित स्थान बताया है। साथ ही सुझाव दिया है कि उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम विभाग तथा पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम (डब्ल्यूबीआईडीसी) के नेतृत्व में एक अंतर-विभागीय कार्यबल गठित किया जाए, जो भूमि संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार करे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि राज्य सरकार आगामी बजट में इस परियोजना के लिए राज्य की ओर से दी जाने वाली वित्तीय हिस्सेदारी का भी प्रावधान करे।

गौरतलब है कि राज्य सरकार पहले से ही टाटा नैनो परियोजना के 2008 में वापस जाने के बाद सिंगुर को दोबारा औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में प्रयास कर रही है।

योजना के अनुसार, प्रत्येक रसायन पार्क के लिए केंद्र सरकार अधिकतम एक हजार करोड़ रुपये का अनुदान देगी। इसके लिए संबंधित राज्य को कम से कम 500 करोड़ रुपये का योगदान देना होगा और दो हजार एकड़ विवाद-मुक्त एवं एकमुश्त भूमि उपलब्ध करानी होगी।

भट्टाचार्य ने कहा कि यदि पश्चिम बंगाल को तीन में से एक रसायन पार्क मिलता है, तो राज्य राष्ट्रीय स्तर का रसायन उद्योग केंद्र बन सकता है। इससे केंद्र और राज्य के संयुक्त बुनियादी ढांचा निवेश के रूप में डेढ़ हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होगा और निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही कृषि, वस्त्र, औषधि, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।

इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भट्टाचार्य का पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है और प्रस्ताव की व्यवहार्यता तथा संभावित स्थलों की तैयारी का परीक्षण कराने का आश्वासन दिया है।