खूंटी, 08 अक्टूबर।
मारंगहादा-बुंडू सड़क की जर्जर स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने अब इसके चौड़ीकरण और मजबूतीकरण की मांग को लेकर आवाज तेज कर दी है।
सड़क की बदहाली से खूंटी और अड़की प्रखंड के सड़क किनारे बसे दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का बेहतर निर्माण होने से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी।
मारंगहादा से बुंडू को जोड़ने वाली यह सड़क लांदूप, सिरूम, सेरेंगडीह, कोटा, सासंग, सारजोमडीह सहित कई गांव-टोलों से होकर गुजरती है।
रांची जिले की सीमा से सटे इन क्षेत्रों के कई ग्रामीण जरूरी कामकाज के लिए खूंटी के बजाय बुंडू जाना पसंद करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बुंडू की दूरी अपेक्षाकृत कम होने के कारण यह मार्ग उनके लिए महत्वपूर्ण है।
इसी मुद्दे को लेकर गुरुवार को खूंटी प्रखंड के सेरेंगडीह के दोनों टोलों तथा अड़की प्रखंड के कोटा और सासंग गांव के ग्रामीणों की संयुक्त बैठक सेरेंगडीह में हुई।
बैठक में कई ग्रामीण शामिल हुए। इसमें सड़क की वर्तमान स्थिति, ग्रामीणों की समस्याओं और सड़क निर्माण को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि कई गांवों के बच्चे प्रतिदिन ऑटो से बुंडू के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं। जर्जर सड़क के कारण आवागमन के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सड़क के सुधरने से विद्यार्थियों के साथ किसानों, व्यापारियों और अन्य ग्रामीणों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि सड़क से जुड़े अन्य गांवों में ग्रामसभाएं आयोजित कर लोगों को अभियान से जोड़ा जाएगा। इसके बाद सभी गांवों की सामूहिक सभा आयोजित कर मारंगहादा-बुंडू सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण की मांग प्रशासन और सरकार के समक्ष रखी जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि बेहतर सड़क केवल आवागमन नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास की बुनियाद बनेगी।
