कोचे

खूंटी , 07 जुलाई । खूंटी जिले में पड़हा के नाम पर भीड़तंत्र के जरिए जमीन पर कब्जा करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के विरोध में मंगलवार को कर्रा प्रखंड के चौला पत्र में सरना सनातन समिति की सभा आयोजित की गई।

सभा में सामाजिक और राजनीतिक अगुओं ने समाज में बिगड़ते सौहार्द पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत गंभीर मामला बताया और इसमें शासनिक प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की गई।

बैठक को सम्बोधित करते हुए पूर्व विधायक कोचे मुंडा ने कहा कि कुछ धर्मातंरित लोग सदियों से कायम सरना और सनातन एकता को तोड़ने की साजिश कर रहे हैं। हमें ऐसे लोगों की पहचान करनी होगी और इसके लिए समाज के बुद्धिजीवियों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार में हमारी बात सुनने वाला कोई नहीं है। जब हम संगठित होकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे, तभी हमारी आवाज सरकार तक पहुंचेगी।

सभा को सम्बोधित करते हुए पूर्व विधान पार्षद प्रवीण सिंह ने कहा कि पेसा कानून यह नहीं कहता कि हम किसी की जमीन को जबरन जोतें। उन्होंने कहा कि सरना सनातन की एकता के लिए हमें पहले अपने गांव से संगठन को मजबूत करना होगा। इसके लिए हर गांव में सप्ताह में एक दिन लोग मिलकर बैठें और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करें। उन्होंने कहा की हमें राज्यपाल के माध्यम से केंद्र को भी अपनी समस्याओं से अवगत कराना होगा। इसके लिए शीघ्र ही समिति का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात करेगा। प्रवीण सिंह ने कहा कि सात समुन्दर पार से समाज को तोड़ने की साजिश की जा रही है। धर्मान्तरण के लिए विदेशी फंडिंग बंद होने से ऐसे तत्व बौखला गए हैं।

मौके पर ठाकुर जयेंन्द्र नाथ शाहदेव ने कहा कि वर्षों से सरना और सनातन एक साथ रहते आये हैं, लेकिन हाल के दिनों में सरना को हिन्दू से अलग बताया जा रहा है। हिन्दुओं को बाहरी बताकर सामाजिक एकता को तोड़ने जा प्रयास किया जा रहा है, लेकिन हम किसी भी हाल में सामाजिक एकता को टूटने नहीं देंगे। अरुण चंद्र गुप्ता ने कहा कि हमारा यह सोचना गलत है कि धर्म बदलने वाले लोग दयावान होते हैं। ऐसे लोग हमें कमजोर करने के लिए कई तरह से षड्यंत्र रच रहे हैं। इसके लिए सरना समाज जे सीधेसादे लोगों को ढाल बनाया जा रहा है।

मौके पर मेघा उरांव ने कहा कि सदियों से सरना और हिन्दू समाज के लोग मिलजुल कर करम, सरहुल जैसे त्योहारों मनाते आये हैं, कभी कोई विवाद नहीं हुआ, पर काले अंग्रेज इसको खत्म करने की साजिश कर रहे हैं।

पिंकी खोया ने कहा कि जो लोग धर्म बदल चुके हैं वे अब भी पहनई कि जमीन पर कब्जा किये बैठे हैं। उन्होंने कहा कि किसी कि ताकत नहीं है कि कोई नया सरना स्थापित करे। उन्होंने कहा कि सामाजिक और धार्मिक घुसपैठ को रोकना जरूरी है तभी सरना और सनातन संस्कृति बचेगी।

सभा को कमलेश राम, डॉ निर्मल सिंह, आनंद कुमार, निखिल कंडुलना, इमरान खान, नीलांबर सिंह सहित कई वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव शंकर मिश्र और संचालन सुधीर सिंह ने किया।