रांची, 07 सितम्बर । झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने राजधानी रांची की बदहाल बिजली व्यवस्था को लेकर रविवार को सरकार और विभागीय अफसरों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो संघ राज्यव्यापी आंदोलन करेगा।
अजय राय ने कहा कि रांची के उपभोक्ता रोज़ाना घंटों अंधेरे में रहने को विवश हैं, जबकि विभागीय अधिकारी भ्रष्टाचार और अवैध वसूली में लिप्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं पर फर्जी बिजली बिल थोपे जा रहे हैं। कहीं लाखों रुपये का बकाया दिखाया जा रहा है तो कहीं छोटे दुकानदारों और मध्यम वर्गीय परिवारों का कनेक्शन बिना नोटिस काट दिया जाता है। स्मार्ट मीटर के नाम पर भी खुलेआम अवैध वसूली हो रही है।
उन्होंने कहा कि हिनू, डोरंडा, बूटी मोड़, कांके रोड, कांटाटोली, चुटिया, धुर्वा और अन्य क्षेत्रों में रोज़ाना 5-6 घंटे की अघोषित बिजली कटौती हो रही है। इसके लिए उन्होंने सीधे विभागीय अफसरशाही को जिम्मेदार ठहराया। राय ने बताया कि कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता वर्षों से रांची में जमे हुए हैं। तीन साल के तबादला नियम को ताक पर रखकर कई अधिकारी पाँच साल से एक ही पद पर टिके हुए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में ये अफसर राजधानी में बने हुए हैं।
संघ अध्यक्ष ने कहा कि बिजली विभाग अब सेवा प्रदाता संस्था नहीं रहा, बल्कि उपभोक्ताओं को लूटने वाला गिरोह बन गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि राजधानी की बिजली व्यवस्था पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई जाए, वर्षों से जमे अफसरों को हटाया जाए और उपभोक्ता समस्याओं के समाधान के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाए।
राय ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कदम नहीं उठाए तो संघ जनता के साथ मिलकर भ्रष्ट अफसरों और बिजली माफिया का चेहरा उजागर करेगा और राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
