जमशेदपुर, 15 अक्टूबर। झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने गुरुवार को जमशेदपुर पहुंचकर कांग्रेस जिला कार्यालय पर हुई पथराव की घटना की कड़ी निंदा की और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर मारपीट, लाठीबाजी और पत्थरबाजी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा में विश्वास करती है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने में भरोसा रखती है।
जमशेदपुर पहुंचने के बाद प्रदेश अध्यक्ष सबसे पहले सिदगोड़ा स्थित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व महामंत्री मनोज उपाध्याय के आवास पहुंचे। पथराव की घटना में गंभीर रूप से घायल मनोज उपाध्याय से मुलाकात कर उन्होंने उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य की जानकारी ली। इसके बाद वह बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय पहुंचे, जहां कांग्रेस नेताओं, जिला पदाधिकारियों और विभिन्न मंच-मोर्चों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
बाद में आयोजित प्रेस वार्ता में केशव महतो कमलेश ने कांग्रेस जिला कार्यालय पर हुए हमले को लेकर भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को हिंसा के जरिए जाहिर करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने ऐसी घटनाओं को राजनीतिक संस्कृति के विपरीत बताते हुए लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने पर जोर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि जमशेदपुर में कांग्रेस के दो अलग-अलग अध्यक्ष होंगे। इनमें एक महानगर कांग्रेस अध्यक्ष और दूसरे ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष होंगे। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) से मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही दोनों पदों पर नियुक्तियों की घोषणा की जाएगी। पार्टी का मानना है कि इस व्यवस्था से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी केशव महतो कमलेश ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले कई दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के इशारे पर काम कर रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
इस मौके पर झारखंड के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी कांग्रेस जिला कार्यालय पर पथराव की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली पार्टी है और राजनीतिक विरोध का जवाब हिंसा से देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक राजनीतिक दल को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन किसी राजनीतिक कार्यालय पर हमला और पथराव करना निंदनीय है।
