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कोलकाता, 15 सितंबर । पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार सुबह भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया और प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कथाकार शरतचंद्र चटर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने समाज माध्यम पर संदेश जारी कर दोनों विभूतियों के योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विश्वेश्वरैया को याद करते हुए लिखा, “प्रख्यात सिविल इंजीनियर, कुशल प्रशासक और भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जन्म जयंती पर राष्ट्रीय इंजीनियर्स दिवस की शुभकामनाएं।”

उन्होंने शरतचंद्र चटर्जी को ‘अपराजेय कथाशिल्पी’ बताते हुए उनकी जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और साहित्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण किया।

उल्लेखनीय है कि मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर में हुआ था। देश के विकास और जनहित में उनके योगदान के लिए वर्ष 1955 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनकी जयंती प्रत्येक वर्ष 15 सितंबर को इंजीनियर्स दिवस के रूप में मनाई जाती है।

वहीं, शरतचंद्र चटर्जी का जन्म 15 सितंबर 1876 को बंगाल के देबानंदपुर में हुआ था। उन्होंने उपन्यास और कहानियों के माध्यम से तत्कालीन समाज, परिवार और आम लोगों के जीवन को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। ‘देवदास’, ‘श्रीकांत’, ‘परिणीता’, ‘चरित्रहीन’ और ‘पथेर दाबी’ उनकी प्रमुख रचनाओं में शामिल हैं। 16 जनवरी 1938 को उनका निधन हुआ। उनकी रचनाएं आज भी पाठकों के बीच लोकप्रिय हैं और भारतीय साहित्य में उनका योगदान स्मरणीय है।