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कोलकाता, 06 अगस्त । बिधाननगर नगर निगम के पूर्व पार्षद और तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक अदिति मुंशी के पति देबराज चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के 35 दिन बाद पुलिस ने गुरुवार को बारासात अदालत में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सिंडिकेट संचालन और उगाही के आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111 समेत विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र पेश किया गया है।

बारासात अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद सरकारी वकील विभास चट्टोपाध्याय ने बताया कि जांच के दौरान सिंडिकेट संचालन और उगाही के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है। उन्होंने कहा कि जांच का महत्वपूर्ण चरण पूरा हो चुका है और अब सरकार की कोशिश मामले की जल्द सुनवाई कराकर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने की है।

करीब 150 पृष्ठों की चार्जशीट में 11 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। जांच एजेंसी ने संकेत दिया है कि आवश्यकता पड़ने पर मामले में पूरक (सप्लीमेंटरी) चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है।

सुनवाई के दौरान देबराज चक्रवर्ती की ओर से जमानत की अर्जी दाखिल की गई, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया।

देबराज चक्रवर्ती और उनकी पत्नी अदिति मुंशी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की भी जांच चल रही है। आरोप है कि वर्ष 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों ने करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति बेनामी और रिश्तेदारों तथा परिचितों के नाम हस्तांतरित की। दंपति पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, उसे छिपाने, धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और चुनावी हलफनामे में संपत्ति का कम विवरण देने जैसे गंभीर आरोप भी हैं।

गिरफ्तारी से पहले देबराज चक्रवर्ती और अदिति मुंशी ने सुरक्षा की मांग को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। अदालत ने उनके छोटे बच्चे को ध्यान में रखते हुए अदिति मुंशी को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था, जबकि देबराज चक्रवर्ती की याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद एक जुलाई को बिधाननगर पुलिस और राज्य एसटीएफ के संयुक्त अभियान में उन्हें पुरुलिया से गिरफ्तार किया गया था।