रांची, 18 मई । भारतीय जनता पार्टी ने बिरसा मुंडा जेल कांड को लेकर लगातार दूसरे दिन भी राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने मामले को “कस्टोडियल रेप” बताते हुए न्यायिक जांच और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की।
सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि स्वयं को ईमानदार और सम्मानित अधिकारी बताने वाले कुमार चंद्रशेखर पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं।
अजय साह ने दावा किया कि देवघर में पदस्थापना के दौरान एक महिला शिक्षिका ने कुमार चंद्रशेखर पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, लेकिन सत्ता और प्रभाव के कारण मामला दबा दिया गया। इसके बाद देवघर में ही एक होमगार्ड महिला ने भी उन पर शोषण का आरोप लगाया था।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि हजारीबाग जेल में कुख्यात अपराधी विकास तिवारी को संरक्षण देने के मामले में भी कुमार चंद्रशेखर दोषी पाए गए थे। उन्होंने आगे कहा कि हजारीबाग में पदस्थापना के दौरान एक सिपाही की पत्नी के शोषण के आरोप भी उन पर लगे थे।
भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि यदि महिला कैदी के साथ यौन शोषण नहीं हुआ था, तो 17 मई को गर्भावस्था जांच कराने की जरूरत क्यों पड़ी।
अजय साह ने दावा किया कि जेल चिकित्सक के बयान से यह स्पष्ट होता है कि 14 अप्रैल को महिला गर्भवती थी और बाद में पूरे मामले को छिपाने के लिए गुप्त तरीके से गर्भपात कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में सबूत मिटाने और दबाने की कोशिश की गई।
भाजपा नेता ने सुदर्शन मंडल पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इतनी तेजी से सबूतों को मिटाने की कोशिश यह दर्शाती है कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे तंत्र की मिलीभगत का मामला है। उन्होंने मथुरा रेप केस और बॉम्बे हाई कोर्ट की टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए इस घटना को “कस्टोडियल रेप” की श्रेणी में बताया।
अजय साह ने कहा कि यदि कोई महिला किसी अपराध में जेल में बंद है, तो इसका अर्थ यह नहीं कि उसके साथ यौन शोषण किया जाए। उन्होंने मांग की कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर और जेल महानिरीक्षक सुदर्शन मंडल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
भाजपा नेता ने चेतावनी दी कि जब तक दोनों अधिकारियों को पद से नहीं हटाया जाता, तब तक सबूतों से छेड़छाड़ और पीड़िता पर दबाव बनाए जाने की आशंका बनी रहेगी।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रांची उपायुक्त को अंतिम समय तक घटना की जानकारी नहीं होना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा जेल अब माफिया सिंडिकेट के नियंत्रण में चली गई है और जेल अपराधियों के लिए सुरक्षित अड्डा बन चुकी है, जहां उन्हें नृत्य, संगीत और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
भाजपा ने पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि इसे राष्ट्रीय महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और अल्पसंख्यक आयोग के समक्ष भी उठाया जाएगा।
प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित रहे।
