प्रधानमंत्री मोदी की रैली कराने की कोशिश में जुटी बंगाल भाजपा, तृणमूल की 21 को रैली से पहले दिखाना चाहती है सियासी ताकत

कोलकाता, 5 जुलाई । पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी तृणमूल कांग्रेस की 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली से पहले अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी में जुट गई है। हाल ही में नियुक्त नये प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पार्टी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक बड़ी जनसभा कराने की कोशिश कर रही है।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने बताया है कि पार्टी कोशिश कर रही है कि प्रधानमंत्री मोदी 21 जुलाई से पहले किसी भी दिन बंगाल में एक रैली को संबोधित कर सकें। भाजपा नेता ने कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं कि बिहार के चुनावी दौरे से पहले प्रधानमंत्री थोड़ा समय निकालकर बंगाल में एक रैली कर सकें। इससे एक ओर पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस को यह संदेश भी जाएगा कि हम पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बताया कि इस रैली को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय से संवाद शुरू हो चुका है और जल्द ही तय समय और स्थान की घोषणा की जा सकती है।

इस बीच, शुक्रवार को नए प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद शमिक भट्टाचार्य के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा था कि भाजपा की लड़ाई मुसलमानों के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनके जीवन स्तर को सुधारने के लिए है। इस बयान को कुछ वर्गों द्वारा पार्टी की मूल नीति से अलग समझा गया।

भट्टाचार्य ने इस पर सफाई देते हुए कहा, “विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को हिंदू वोटों की एकजुटता पर जोर दिया था। मैंने सिर्फ इतना कहा कि अगर मुस्लिम समुदाय यह सोचता है कि उनके समर्थन के बिना बंगाल में सत्ता परिवर्तन नहीं हो सकता, तो वे गलतफहमी में हैं। मेरा उद्देश्य था कि वे अपने जीवन स्तर की तुलना गुजरात के मुस्लिमों से करें और आत्ममंथन करें।”

प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी अपील की कि राज्य में जो भी लोग तृणमूल कांग्रेस के शासन से असंतुष्ट हैं, वे राजनीतिक मतभेद भुलाकर एकजुट हों और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली 14 साल की सत्ता को खत्म करने के लिए आगे आएं।