
कोलकाता, 29 जनवरी। आनंदपुर के नाज़िराबाद इलाके में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर रैली निकालने की अनुमति न मिलने पर विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने शुभेंदु अधिकारी को रैली की सशर्त अनुमति दे दी।
न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष की एकल पीठ ने निर्देश दिया कि शुभेंदु अधिकारी शुक्रवार को सुबह 11 बजे से शाम 4:30 बजे के बीच मार्च निकाल सकते हैं। कोर्ट के आदेश के अनुसार, यह मार्च गड़िया शीतला मंदिर मोड़ से कमलगाछी मोड़ की ओर सड़क के बाईं ओर किया जा सकेगा, जिसमें अधिकतम दो हजार लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी।
हालांकि, हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि रैली नरेंद्रपुर थाने से 200 मीटर पहले ही समाप्त करना होगा। उसी स्थान पर एक संक्षिप्त सभा की अनुमति दी गई है। कोर्ट ने यह भी सख्त निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में उकसावे वाले या भड़काऊ बयान नहीं दिए जाएंगे। साउंड सिस्टम का उपयोग भी ध्वनि प्रदूषण नियमों के तहत ही किया जा सकेगा।
हाई कोर्ट ने रैली के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी आयोजकों पर डाली है। साथ ही, पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वह पूरे कार्यक्रम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे।
गौरतलब है कि आनंदपुर के नाज़िराबाद इलाके में 25 जनवरी की रात एक डेकोरेटर्स गोदाम में लगी आग पास स्थित मोमो निर्माण इकाई तक फैल गई थी। इस हादसे में अब तक 23 मानव अवशेष बरामद किए जा चुके हैं और प्रशासन ने उनकी पहचान के लिए डीएनए मैपिंग शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस घटना को लेकर भाजपा शुरू से ही प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाती रही है। शुभेंदु अधिकारी ने आग की घटना और राहत-बचाव कार्यों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं, भीड़ जुटने और जांच कार्य प्रभावित होने की आशंका के चलते पुलिस ने इलाके में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू की थी, जिसके कारण मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी।
अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद, सशर्त अनुमति के साथ यह राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिस पर प्रशासन और पुलिस की कड़ी नजर रहेगी।






