मालदा, 30 अक्टूबर । हरिश्चंद्रपुर-1 ब्लॉक के एक गांव में सड़क नहीं होने के कारण मरीज को खटिया पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। इस घटना का वीडियो और खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अब राज्य सरकार ने सड़क की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन के निर्देश पर भूमि एवं भूमि सुधार विभाग ने शुक्रवार को इलाके का निरीक्षण और जमीन की मापी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, इलाके में सौ से अधिक परिवार रहते हैं और पिछले करीब 30 वर्षों से लोग सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। आरोप है कि बीते 15 वर्षों में इस सड़क की समस्या पर प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। यहां तक कि स्थानीय लोगों की मांग के बावजूद तत्कालीन मंत्री और क्षेत्र के विधायक ने भी कोई पहल नहीं की है। सड़क का अधिकांश हिस्सा पास के तालाब में समा चुका है। इसके कारण एंबुलेंस सहित कोई भी वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाता।
कुछ दिन पहले इलाके के एक मरीज को खटिया पर लादकर अस्पताल ले जाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसके बाद कुछ ही घंटों के भीतर बीडीओ ध्रुवाशीष सामंत मौके पर पहुंचे और सड़क की आवश्यकता को स्वीकार किया। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मामले में रिपोर्ट मांगी गई। राज्य और जिला प्रशासन के निर्देश पर ब्लॉक भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
अधिकारियों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि तालाब में कितनी जमीन समा चुकी है और वहां सड़क का निर्माण किस तरह संभव है। इस पहल से स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है, हालांकि उनका कहना है कि जब तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक उनकी चिंता दूर नहीं होगी।
ब्लॉक भूमि एवं भूमि सुधार विभाग के रेवेन्यू अधिकारी हिमांशु कुमार मंडल ने बताया कि राज्य प्रशासन के निर्देश पर गांव की सड़क की जमीन का निरीक्षण किया गया है। सड़क की काफी जमीन तालाब में समा चुकी है, जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि इस जमीन को लेकर अदालत में मामला भी चल रहा है। सभी पहलुओं की जांच के बाद रिपोर्ट जमा की जाएगी।
स्थानीय निवासी सीमा दास ने कहा कि चुनाव से पहले कई बार नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने सड़क निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप की खबर से लोगों में उम्मीद जगी है।
वहीं, भाजपा नेता और हरिश्चंद्रपुर ग्राम पंचायत के उपप्रधान अजय पासवान ने कहा कि इलाके में सड़क बेहद जरूरी है और राज्य प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद लोगों की समस्या का जल्द समाधान होने की उम्मीद है।
