बीरभूम, 11 नवम्बर । वैवाहिक विवाद और विवाहेत्तर संबंधों को लेकर आए दिन झगड़े और हिंसा की खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन बीरभूम जिले के सांईथिया में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको चौंका दिया। यहां एक पति ने पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपरा का पालन करते हुए अपनी ही पत्नी की शादी अपने मित्र से कराई।
मामला सांईथिया नगर पालिका के आठ नंबर वार्ड का है। स्थानीय निवासी बापी मंडल की शादी करीब नौ वर्ष पूर्व तारापीठ की रहने वाली पंचमी मंडल से हुई थी। दंपति का आठ वर्षीय पुत्र भी है। विवाह के कुछ समय बाद से ही दोनों के बीच मतभेद उत्पन्न हो गए। पंचमी ने पति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और कुछ माह पूर्व मामला अदालत में भी पहुंचा ।
विवाद के बाद पंचमी अपने मायके रहने लगीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात बापी के मित्र जीतकुमार मृधा (निवासी—सांईथिया वार्ड संख्या 16) से हुई। यह मुलाकात धीरे-धीरे मित्रता और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। लगभग नौ माह तक चले इस संबंध की जानकारी दोनों परिवारों को होने के बाद बापी ने समाज में उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्वयं अपनी पत्नी की शादी अपने मित्र से कराने का निर्णय लिया।
मंगलवार सुबह सांईथिया के नंदिकेश्वरी मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ पंचमी और जीतकुमार का विवाह संपन्न हुआ। इस दौरान मालाबदली, सिंदूरदान सहित सभी पारंपरिक रस्में निभाई गईं।
बापी मंडल ने बताया कि पंचमी अब मेरे साथ नहीं रहना चाहती थी, इसलिए मैंने यह निर्णय लिया। उसने मेरे खिलाफ दर्ज मामला वापस लेने की बात कही है। हालांकि पंचमी और बापी का कानूनी तलाक अभी लंबित है, किंतु बापी का कहना है कि प्रक्रिया शीघ्र पूरी हो जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल उनका पुत्र उनके ही पास रहेगा।
सांईथिया की इस अनोखी घटना से क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बापी मंडल का यह निर्णय सहनशीलता और सामाजिक समझदारी की मिसाल है।
