अजगर निकला

गिरिडीह , 3 जुलाई । शहर के धरियाडीह इलाके में शुक्रवार सुबह करीब सात फीट लंबा अजगर आवासीय क्षेत्र के समीप झाड़ियों में दिखाई दिया। विशालकाय साँप की सूचना कुछ ही देर में पूरे मोहल्ले में फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए। अजगर को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई, वहीं बच्चों और पालतू जानवरों की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता भी बढ़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह कुछ लोगों की नजर झाड़ियों में रेंग रहे अजगर पर पड़ी। पहले तो लोगों ने इसे सामान्य साँप समझा, लेकिन नजदीक जाकर देखने पर उसके विशाल आकार का पता चला। इसके बाद किसी भी तरह का जोखिम उठाने के बजाय स्थानीय लोगों ने समझदारी दिखाते हुए तुरंत सर्प मित्र रॉकी नवल को सूचना दी।
सूचना मिलते ही रॉकी नवल मौके पर पहुंचे और भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी। उन्होंने पूरी सावधानी और अनुभव का परिचय देते हुए अजगर का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। करीब सात फीट लंबे अजगर को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से पकड़कर वहां से हटाया गया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। बाद में उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की प्रक्रिया पूरी की गई।
रेस्क्यू के बाद सर्प मित्र रॉकी नवल ने बताया कि अजगर एक संरक्षित एवं दुर्लभ वन्यजीव है, जो अब पहले की तुलना में बहुत कम दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि इस प्रजाति में विष नहीं होता, इसलिए यह जहरीला नहीं है। हालांकि यह एक शक्तिशाली शिकारी होता है और छोटे जानवरों के साथ-साथ छोटे बच्चों के लिए भी खतरा बन सकता है। इसलिए ऐसे किसी भी वन्यजीव को देखकर घबराने या उसे मारने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी साँप या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत सर्प मित्रों, वन विभाग या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। प्रशिक्षित लोगों द्वारा ही ऐसे जीवों का रेस्क्यू किया जाना चाहिए, ताकि इंसानों और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने अजगर को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए रॉकी का आभार भी व्यक्त किया।