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बांकुड़ा, 04 फरवरी । जिले से एक मार्मिक घटना सामने आई है। माध्यमिक परीक्षा के दौरान एक परीक्षार्थी के घर में आग लगने से उसकी किताबें, नोट्स और घरेलू सामान जलकर राख हो गए। हालांकि, इस कठिन समय में पुलिस और प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए छात्र की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की है।

जानकारी के अनुसार, ओंदा ब्लॉक के हरिहरपुर गांव निवासी अर्पण धीवर मंगलवार को काली सेन उच्च विद्यालय में अंग्रेजी की परीक्षा दे रहा था। इसी दौरान उसके घर में अचानक भयावह आग लग गई। उस समय उसके पिता तरुण धीवर काम पर गए हुए थे, जबकि मां रीना धीवर छोटे बेटे को लेकर पड़ोस में थीं। एस्बेस्टस की छत वाले कमरे में लगी आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया और दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन दमकल के पहुंचने से पहले ही घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया।

परीक्षा समाप्त कर जब अर्पण घर लौटा तो राख में तब्दील अपने एकमात्र कमरे को देखकर वह स्तब्ध रह गया। आग में उसके कपड़े, फर्नीचर के साथ-साथ माध्यमिक परीक्षा की सभी जरूरी किताबें और नोट्स भी जल गए। परीक्षा के बीच इस तरह सब कुछ खो देना उसके लिए गहरा मानसिक आघात था।

घटना की खबर मिलते ही ओंदा थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया। छात्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बुधवार सुबह पुलिस की ओर से उसे नई पाठ्यपुस्तकें और पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा, स्थानीय भाजपा विधायक और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर राहत सामग्री प्रदान की।

दूसरी तरफ औरगांव के लोगों ने भी आगे आकर परिवार को सांत्वना दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से अर्पण ने आगे की परीक्षाएं जारी रखने का संकल्प लिया है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस और प्रशासन की संवेदनशीलता और त्वरित पहल की चारों ओर सराहना की जा रही है।