पूर्वी सिंहभूम/पश्चिमी सिंहभूम, 23 अप्रैल । प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव के अवसर पर कोल्हान क्षेत्र में श्रद्धा, गौरव और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने उनके अदम्य साहस और देशभक्ति को नमन किया।
पूर्वी सिंहभूम के जुगसलाई स्थित कुंवर सिंह चौक पर झारखंड क्षत्रिय संघ की बागबेड़ा एवं परसुडीह इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में भव्य माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने वीर कुंवर सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
सभा को संबोधित करते हुए झारखंड क्षत्रिय महिला संघ की अध्यक्ष डॉ. कविता परमार ने कहा कि वीर कुंवर सिंह ने 80 वर्ष की आयु में भी अंग्रेजों के खिलाफ अद्भुत पराक्रम दिखाते हुए देशभक्ति की अमिट मिसाल कायम की। उनका जीवन संघर्ष, साहस और राष्ट्रनिष्ठा का प्रेरणादायी प्रतीक है, जो आज की युवा पीढ़ी को निरंतर प्रेरित करता है।
संघ के उपाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी ऐतिहासिक विरासत को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम का संचालन परसुडीह इकाई के अध्यक्ष बी.डी. सिंह ने किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष शंभू नाथ सिंह, महासचिव डॉ. प्रमोद सिंह, प्रशांत सिंह, सचिव एम.के. सिंह, विजय सिंह, पुष्पा सिंह, बीबी सिंह, रामचंद्र सिंह, नीरज सिंह, शशि सिंह, राजेश सिंह, पप्पू सिंह, बड़े लाल दुबे, दीपक दुबे, अशोक दुबे, संजू सिंह, विनोद सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसी क्रम में बागबेड़ा कॉलोनी स्थित कुंवर सिंह मैदान में महिला इकाई की ओर से अलग से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व डॉ. कविता परमार ने किया। इसमें संध्या सिंह, पुष्पा सिंह, झरना मिश्रा, राकेश कुमार, मिथिलेश सिंह, राजा वर्मा, राजेश सिंह सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया। दोनों कार्यक्रमों का समापन राष्ट्रगान और “वीर कुंवर सिंह अमर रहें” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।

पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा स्थित कांग्रेस भवन में भी बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती सह विजयोत्सव मनाया गया। कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी सेनानायकों में से एक थे। उन्होंने गुरिल्ला युद्ध शैली में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर अदम्य वीरता का परिचय दिया। 80 वर्ष की आयु में भी अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती देना उनके असाधारण साहस और देशप्रेम का प्रमाण है।
कार्यक्रम में शिवकर बोयपाई, नारायण सिंह पुरती, अजय कुमार, गणेश किस्कु, चंद्रेश्वर मुर्मू, अमर सोय, कृष्णा चंद्र गोप, मो. अफरीदी, चंद्रशेखर प्रसाद, संजय साव, महाबीर प्रसाद, सुशील दास और विनोद खंडाईत सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इन आयोजनों के माध्यम से वीर कुंवर सिंह के त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति के संदेश को पुनः जीवंत किया गया, जो आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
