रांची, 19 अप्रैल । झारखंड की राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। रविवार को डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। वहीं जमशेदपुर और सरायकेला में भी पारा 41 डिग्री के पार दर्ज किया गया।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 20 और 21 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में लू चलने की आशंका जताई है और इसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही विभाग ने 24 और 25 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी जिलों में गर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना भी व्यक्त की है। जिन जिलों में बारिश के आसार हैं, उनमें देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में सबसे अधिक तापमान डाल्टनगंज में 43 डिग्री और सबसे कम तापमान गुमला में 18.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रविवार को रांची और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही आसमान साफ रहा और तेज धूप के कारण लोगों को प्रचंड गर्मी का सामना करना पड़ा। राजधानी में अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक है।
अन्य प्रमुख शहरों में जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री और न्यूनतम 27.2 डिग्री, बोकारो में अधिकतम 39.5 डिग्री और न्यूनतम 24.1 डिग्री तथा चाईबासा में अधिकतम 39.8 डिग्री और न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, धूप में अनावश्यक बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
अभिभावक संघ ने की स्कूलों के समय में बदलाव या छुट्टी घोषित करने की मांग
झारखंड अभिभावक संघ ने बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए विद्यालयों के समय में बदलाव या अवकाश घोषित करने की मांग की है। इस संबंध में संघ ने शिक्षा विभाग को ईमेल के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा है।
संघ के अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि सरकार से अनुरोध किया गया है कि सभी स्कूलों का समय तत्काल बदलकर सुबह 6:30 बजे से 10:30 बजे तक कर दिया जाए। यदि ऐसा संभव नहीं हो, तो बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूलों में छुट्टी घोषित की जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि जिन जिलों में गर्मी का प्रभाव अधिक है, वहां कुछ दिनों के लिए अवकाश घोषित किया जाए और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेने का अधिकार जिला प्रशासन को दिया जाए। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि शिक्षा मंत्री, झारखंड सरकार और रांची के उपायुक्त को भी भेजी गई है।
उन्होंने कहा है कि दोपहर की भीषण गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए सरकार को जल्द इस दिशा में ठोस निर्णय लेना चाहिए।
