पूर्वी सिंहभूम, 18 फ़रवरी । आनंद मार्ग प्रचारक संघ के प्रचारक सुनील आनंद ने कहा है कि लिव इन रिलेशन संस्कृति भारतीय समाज और पारंपरिक विवाह व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही है।
उन्होंने कहा कि समाज को इस प्रवृत्ति से बचाने के लिए हर व्यक्ति को व्यक्तिगत स्तर पर जागरूक होना होगा। संघ की ओर से शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों के बाहर अभिभावकों के बीच जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें भारतीय सभ्यता, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों पर चर्चा की जा रही है।
सुनील आनंद ने कहा कि लिव इन रिलेशन व्यवस्था में सबसे अधिक पीड़ित युवतियां होती हैं और इससे महिलाओं के शोषण की आशंका बढ़ती है। उन्होंने झारखंड में डायन प्रथा से होने वाली घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी रूप में महिला उत्पीड़न समाज के लिए घातक है।
उन्होंने धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा कि भगवान शिव ने विवाह प्रथा को स्थापित कर महिलाओं को सामाजिक सम्मान दिलाया और एक व्यवस्थित समाज की नींव रखी। उनका कहना था कि जिस समाज में महिलाओं का सम्मान नहीं होता, उसका पतन निश्चित है, इसलिए पारिवारिक मूल्यों की रक्षा आवश्यक है।
