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कोलकाता, 16 फ़रवरी

भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने रविवार रात एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के नौ फरवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में चुनाव आयोग का ताज़ा निर्देश पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम कदम है।

उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि अब तक प्राप्त सभी फॉर्म-7 आपत्तियां, चाहे वे पहले अस्वीकृत या दबाई गई हों, 16 फरवरी 2026 तक संबंधित ईआरओ/एईआरओ को भेजी जाएं और सभी दावों व आपत्तियों का निपटारा तय समयसीमा में वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार किया जाए।

अमित मालवीय के अनुसार, चुनाव आयोग ने समशेरगंज, फरक्का, मयनागुड़ी, सूती, कैनिंग और डेबरा में कुल सात एईआरओ को निलंबित किया है, जिससे यह साफ संदेश गया है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन का दुरुपयोग किया गया और इसका खामियाज़ा जूनियर अधिकारियों को भुगतना पड़ रहा है।

अंत में उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र और संविधान सर्वोपरि है, कानून का राज कायम रहेगा और पश्चिम बंगाल बेहतर शासन का हकदार है।