ओंकार

रांची, 28 जनवरी। झारखंड राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत लाभुकों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। नए बीमा वर्ष से अब लाभुकों को सूचीबद्ध अस्पताल में सभी प्रकार के रोगों का इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। यह नई व्यवस्था झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी द्वारा लागू की जाएगी, जिसके लिए नया टेंडर आमंत्रित किया गया है।

इस संबंध में मंगलवार को नामकुम स्थित निदेशालय भवन में प्री-बिड मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने की। प्री-बिड बैठक के दौरान बीमा कंपनियों द्वारा उठाई गई सभी शंकाओं का समाधान किया गया। संबंधित प्रश्नों और उनके समाधान को तीन दिनों के भीतर सोसाइटी की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा।

कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने बताया कि यह योजना वर्ष 2025 में लागू की गई थी, लेकिन लाभुकों की ओर से यह शिकायत सामने आ रही थी कि एक ही अस्पताल में सभी बीमारियों का इलाज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए यह नई व्यवस्था लाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए बीमा वर्ष के शुरू होने से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी।

उन्होंने बीडर्स से कहा कि ऐसे अस्पतालों का ही चयन किया जाए, जहां उपलब्ध सभी चिकित्सीय सेवाओं का लाभ लाभुकों को मिल सके। योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी स्थिति में लाभुकों को असुविधा न हो और उन्हें प्रभावी, सुलभ एवं कैशलेस इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की अपर कार्यकारी निदेशक सीमा सिंह, महाप्रबंधक प्रवीण चंद्र मिश्रा तथा पदाधिकारी कुणाल भारती, अंशु कुमार सिंह और विवेक कुमार उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को योजना एवं बीड प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।

जानकारी दी गई कि राज्य से बाहर देशभर में 237 अस्पतालों को सूचीबद्धता के लिए चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही चयनित बीमा कंपनी के लिए 12 प्रमुख अस्पतालों को अनिवार्य रूप से सूचीबद्ध करना आवश्यक होगा, जहां वास्तविक दरों पर भुगतान किया जाएगा। इन अस्पतालों में सीएमसी वेल्लोर, शंकर नेत्रालय, नारायण इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियक साइंसेज, एआईजी हैदराबाद, टाटा ग्रुप के सभी अस्पताल, आईएलबीएस नई दिल्ली, अपोलो हॉस्पिटल चेन्नई, मेदांता गुड़गांव, नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट, नारायण हेल्थ बेंगलुरु और बीएम बिरला अस्पताल शामिल हैं।

इसके अलावा झारखंड के सभी प्रमुख अस्पतालों की सूची भी तैयार की गई है, जिन्हें बीमा कंपनी को सूचीबद्ध करना अनिवार्य होगा। इनमें सीजीएचएस अंतर्गत अनुबंधित एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल, नॉन-एनएबीएच अस्पताल, एनएबीएच मान्यता प्राप्त अन्य अस्पताल शामिल हैं। साथ ही झारखंड से सटे अन्य राज्यों के कई दर्जन अस्पतालों को भी सूची में शामिल किया गया है, ताकि लाभुकों को इलाज के लिए किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें सहज एवं कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।