पूर्वी सिंहभूम, 27 जनवरी । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से जारी नई गाइडलाइन्स यूजीसी रेगुलेशन-2026 को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध के बीच जमशेदपुर में भी असंतोष दिखने लगा हैा। मंगलवार को क्षत्रिय करणी सेना के सदस्यों ने जमशेदपुर जिला मुख्यालय पहुंचकर इस नई अधिसूचना के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन ने इसे भेदभावपूर्ण करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक मांग पत्र उपायुक्त को सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए करणी सेना के प्रदेश सचिव कमलेश सिंह ने केंद्र सरकार और यूजीसी की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रस्तावित इक्विटी कमेटियों का गठन भारतीय संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उनका आरोप है कि यह व्यवस्था समानता के अधिकार को कमजोर करती है और छात्रों के बीच असंतुलन पैदा कर सकती है।
कमलेश सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14, 15 और 21 सभी नागरिकों को समानता और गरिमा का अधिकार देता है, लेकिन यूजीसी रेगुलेशन-2026 में केवल एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों के अधिकारों पर जोर दिया गया है, जबकि सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों की अनदेखी की गई है।
