
कोलकाता, 22 जनवरी। उत्तर दिनाजपुर जिले के इटहार में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) सुनवाई केंद्र पर हुई हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त बताते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार को इटहार ब्लॉक के इटहार हाई स्कूल में एसआईआर प्रक्रिया के तहत सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान एक उग्र भीड़ ने केंद्र पर धावा बोल दिया। आरोप है कि भीड़ ने स्कूल की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और निर्वाचन प्रक्रिया में लगे अधिकारियों के साथ बदसलूकी की।
बताया जा रहा है कि दिन-दहाड़े एक महिला एईआरओ पर भी बर्बरतापूर्वक हमला किया गया, जिससे इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया।
घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रशासन ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश की सीधी अवहेलना की है, जिसमें चुनावी प्रक्रियाओं और अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस शासन में कानूनविहीनता का एक और नग्न प्रदर्शन इटहार में देखने को मिला।
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि जब उपद्रवी तांडव मचा रहे थे, तब पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बने रहे। उनके अनुसार, ममता सरकार अपराधियों को संरक्षण देकर लोकतंत्र को कुचल रही है, जिससे चुनावी अधिकारियों और मतदाताओं की सुरक्षा गंभीर खतरे में पड़ गई है।
उन्होंने इस पूरे मामले में भारत निर्वाचन आयोग से संज्ञान लेने की अपील की है और कर्तव्य पालन में विफल रहने वाले पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि एसआईआर सुनवाई के नाम पर आम लोगों को परेशान किए जाने के आरोपों को लेकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। मुर्शिदाबाद के फरक्का सहित कई क्षेत्रों में असंतोष सामने आया है।






