विवेकानंद जयंती

भारतीय संस्कृति संवर्धन समिति एवं माहेश्वरी सेवा समिति का आयोजन

ओंकार समाचार

कोलकाता, 12 जनवरी  । स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर ‘रक्तदान महादान’ के संकल्प को साकार करते हुए रविवार, 11 जनवरी को ओसवाल भवन में आयोजित रक्तदान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। भारतीय संस्कृति संवर्धन समिति एवं माहेश्वरी सेवा समिति (अंतर्गत: माहेश्वरी सभा) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में कुल 120 लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

सुबह से ही आयोजन स्थल पर रक्तदाताओं की लंबी कतारें लगी रहीं। युवाओं के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। शिविर के साथ आयोजित स्वास्थ्य परीक्षण का भी सैकड़ों लोगों ने लाभ उठाया।

अतिथियों का मार्गदर्शन

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात समाजसेवी बसंत सेठिया ने की। प्रधान अतिथि सुभाष मुरारका तथा मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (दक्षिण बंग) के प्रांत प्रचारक प्रशांत भट्ट उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में माहेश्वरी सभा के सभापति बुलाकी दास मीमानी ने सहभागिता की।

विशिष्ट अतिथियों में समाजसेवी जगमोहन बागला, पार्षद विजय उपाध्याय, विजय ओझा एवं पार्षदा मीना देवी पुरोहित शामिल रहे, जिन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए मानव सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम को सफल बनाने में भारतीय संस्कृति संवर्धन समिति के अध्यक्ष आचार्य राकेश कुमार पाण्डेय, मंत्री शैलेश बागड़ी, माहेश्वरी सेवा समिति के उपमंत्री पंचानन भट्टड़ एवं कोषमंत्री आदित्य बिनानी का विशेष योगदान रहा। संस्था परिचय यश बिनानी एवं अशोक चांडक द्वारा दिया गया।

संयोजन में महेश केडिया, किशोर कुमार दमानी, राजकुमार लाठ, अमित कुमार डागा एवं जतीन सेवक की सक्रिय भूमिका रही।

मंच संचालन शैलेश कुमार बागड़ी ने किया, जबकि सेवा गीत हिमांशु सोनी ने प्रस्तुत किया। आयोजन को सफल बनाने में बृजेश बागड़ी, राजू भाला, सुरेश साव, दिनेश केडिया, विजय भाला, संजय मंडल, प्रीति सेठिया, महावीर बजाज, कमल साह, अजय धोना, आनंद नारसरिया, इंद्रनील चटर्जी, श्रीपाल जैन, अमित भालोटिया, उमेश जैन, आशीष त्रिवेदी, आर्य नितिन सहित माहेश्वरी सभा के अशोक द्वारकानी, महेश बिनानी, जयंत डागा, तथा अनेक कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।

कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी 120 रक्तदाताओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती पर इस प्रकार का सेवा कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।