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अंसारी के खिलाफ दर्ज हो प्राथमिकी : आजसू

रांची, 24 नवंबर। झारखंड में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बीएलओ को बांधकर रखने संबंधी बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इरफान अंसारी के बयान को लेकर झारखंड में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। भाजपा और आजसू ने इसे संवैधानिक व्यवस्था पर हमला बताया है। सरकार की ओर से अब तक बयान पर कोई बड़ा आधिकारिक जवाब नहीं आया है।

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इरफान अंसारी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंत्री इरफान अंसारी को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।

संजय सेठ ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी घुसपैठियों को बढ़ावा देने वाली बातें कर रहे हैं और राज्य के बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) की सुरक्षा को ख़तरे में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा “मंत्री ने लोगों से बीएलओ को बांधकर रखने जैसी बात कहकर संविधान, लोकतंत्र और प्रशासन के खिलाफ आग उगलने का काम किया है। यह देशद्रोह वाला बयान है।”

सेठ ने कहा कि एसआईआर पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया है और पहले भी सभी सरकारें इसे करवाती रही हैं। “कांग्रेस और विपक्षी दलों को इससे इतना डर क्यों लग रहा है? क्या वे घुसपैठियों पर चुनाव जीतने का भरोसा करते हैं?”

संजय सेठ ने चेताया कि झारखंड की जनता अब जागरूक है और किसी के भड़कावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने सीएम से मांग की कि “ऐसे मंत्री को जो सामाजिक विद्वेष फैलाने का काम कर रहा है, तुरंत मंत्रिमंडल से बाहर करें।”

आजसू पार्टी भी हमलावर, एफआईआर दर्ज करने की मांग

ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने भी स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग की है।  पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि “मंत्री ने जामताड़ा में डीसी के सामने लोगों को बीएलओ को बांधकर रखने के लिए भड़काया। यह गंभीर अपराध है।”

उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ जनता को उकसाना मंत्री पद की शपथ का खुला उल्लंघन है। आजसू ने राज्य सरकार से तत्काल मंत्री को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।

आजसू नेता प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि बिहार में भी कांग्रेस ने एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की थी, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया और एसआईआर प्रक्रिया बिना किसी विवाद के पूरी हुई।

क्या है एसआईआर ?

मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की यह नियमित प्रक्रिया है, जिसमें  बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करते हैं मृत, स्थानांतरित और फर्जी नाम हटाए जाते हैं, नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं । यह मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन और धोखाधड़ी-मुक्त बनाने की संवैधानिक कवायद है।