खड़गपुर (पश्चिम मेदिनीपुर), 12 नवम्बर । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर ने एक बार फिर नवाचार और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए देश का पहला आईआईटी बनने का गौरव हासिल किया है जिसने “अभिभावक–प्रशासन संवाद” (पेरेंट्स एडमिनिस्ट्रेशन इंटरेक्शन) कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह पहल अभिभावकों, छात्रों और संस्थान के बीच विश्वास, पारदर्शिता और साझी जिम्मेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
इस अनूठी पहल का पहला सत्र लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) हॉस्टल के प्रथम वर्ष के छात्रों के अभिभावकों के साथ ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया गया। सत्र में डीन (स्टूडेंट्स वेलबीइंग), डीन (स्टूडेंट्स अफेयर्स), हॉल मैनेजमेंट सेंटर, एलबीएस हॉल के वार्डन, निदेशक कार्यालय (चीफ ऑफ स्टाफ), टेक्नोलॉजी स्टूडेंट्स जिमखाना तथा एलबीएस हॉल काउंसिल के छात्र प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अभिभावकों ने इस पहल की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि इस संवाद से उन्हें यह विश्वास हुआ कि उनके बच्चे ऐसे संस्थान में अध्ययनरत हैं जो न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता बल्कि उनके समग्र कल्याण और भावनात्मक विकास के प्रति भी सचमुच संवेदनशील है।
बैठक के दौरान अभिभावकों ने कई रचनात्मक सुझाव और प्रतिक्रिया साझा कीं। उन्होंने संस्थान द्वारा चलाए जा रहे ‘वेलनेस बडी प्रोग्राम’ और खुशी, सफलता तथा भावनात्मक सशक्तता पर आधारित नए पाठ्यक्रमों की विशेष प्रशंसा की।
बैठक का समापन एक साझे दृष्टिकोण और सकारात्मक सहयोग की भावना के साथ हुआ, जहां अभिभावकों, छात्रों और प्रशासन ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि आईआईटी खड़गपुर न केवल शैक्षणिक और अनुसंधान उत्कृष्टता में अग्रणी रहेगा, बल्कि देखभाल, सहानुभूति और मानवीय जुड़ाव का भी आदर्श संस्थान बनेगा।
यह पहल भारत के अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक नई मिसाल के रूप में उभर रही है।
