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ओंकार समाचार

कोलकाता, 25 सितंबर। करदाताओं और पेशेवरों को बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आकलन वर्ष 2025-26 के लिए विभिन्न ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब यह अंतिम तिथि 30 सितंबर के बजाय 31 अक्टूबर 2025 होगी।

ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स (एआईएफटीपी) के प्रत्यक्ष कर प्रतिनिधित्व समिति के अध्यक्ष नारायण जैन ने इस निर्णय का स्वागत किया। एआईएफटीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर जानी ने बताया कि संगठन ने 8 सितंबर को वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजकर समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी।

सीबीडीटी को एआईएफटीपी, आईसीएआई और अन्य पेशेवर संघों से कई अभ्यावेदन मिले थे, जिनमें करदाताओं को समय पर ऑडिट रिपोर्ट पूरी करने में आ रही कठिनाइयों का उल्लेख किया गया था। देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं से व्यावसायिक गतिविधियों में बाधा का हवाला भी दिया गया। यह मामला राजस्थान और कर्नाटक उच्च न्यायालयों में भी उठा, जहां समय सीमा विस्तार के निर्देश दिए गए। एआईएफटीपी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में भी रिट दायर की थी।

सीबीडीटी के अनुसार, 24 सितंबर 2025 तक 4.02 लाख टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल हो चुकी हैं, जबकि 23 सितंबर तक 7.57 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दायर किए गए हैं।