दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर
बीकानेर/ कोलकाता, 23 सितंबर। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स प्रोफेशनल्स ने सरकार से आयकर और जीएसटी पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण बढ़ते मानसिक दबाव को देखते हुए ऑडिट रिपोर्ट और रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है।
बीकानेर से चार्टर्ड अकाउंटेंट सुधीश शर्मा ने इस संबंध में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजा है।
वहीं ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टैक्स प्रैक्टिशनर्स ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है।
एआईएफटीपी डायरेक्ट टैक्सेज रिप्रेजेंटेशन कमिटी के चेयरमैन नारायण जैन ने बताया कि संगठन ने 8 सितंबर को सीबीडीटी को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। अधिवक्ताओं वी.पी. गुप्ता और जैन ने कहा कि यह याचिका कल सूचीबद्ध होने की संभावना है।
सीए सुधीश शर्मा ने वित्तमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि 15 सितंबर तक आयकर रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि थी, लेकिन उस दिन पोर्टल लगातार ठप रहा। लॉगिन और डेटा सेविंग जैसी बुनियादी सुविधाएँ ठीक से काम नहीं कर पाईं और मंत्रालय की ओर से कोई तकनीकी मदद उपलब्ध नहीं कराई गई। सरकार ने केवल एक दिन की एक्सटेंशन दी, लेकिन उस दिन भी पोर्टल सही ढंग से काम नहीं कर पाया।
उन्होंने कहा कि अब 30 सितंबर तक ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने की अंतिम तिथि तय की गई है, लेकिन इतने कम समय में पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण यह असंभव प्रतीत होता है। इसके साथ ही, जीएसटी में आए लगातार बदलावों ने व्यापारियों को भी परेशान कर रखा है। व्यापारी दिन-रात अपने कर सलाहकारों और सीए से संपर्क कर नए नियमों और संशोधनों को समझने की कोशिश कर रहे हैं।
सुधीश शर्मा ने सरकार से आग्रह किया है कि ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, पोर्टल की तकनीकी खामियों को तुरंत दूर किया जाए और कर सलाहकारों, सीए तथा व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल पेशेवरों की मांग नहीं, बल्कि पूरे वित्तीय जगत की आवश्यक मांग है।
