अभिषेक बनर्जी

कोलकाता, 08 नवंबर । शुक्रवार देर रात कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। घटना को लेकर पुलिस ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) लेते हुए दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें से एक मामले में डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी को भी नामजद किया गया है। इसके अलावा, झड़प के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को थप्पड़ मारने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के समय इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि अन्य आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरी घटना को लेकर कालीघाट पुलिस स्टेशन में कुल तीन मामले दर्ज किए गए हैं। दो मामले पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए दर्ज किए हैं (जिनमें से एक में अभिषेक का नाम है)। वहीं, तीसरा मामला अभिषेक बनर्जी द्वारा अज्ञात भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी अभिषेक बनर्जी के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी के जन्मदिन के जश्न के लिए शुक्रवार मध्यरात्रि में कई टीएमसी नेता और कार्यकर्ता उनके आवास के बाहर एकत्र हुए थे। इसी दौरान स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उनकी तीखी बहस, धक्का-मुक्की और पथराव शुरू हो गया, जो जल्द ही हिंसक संघर्ष में बदल गया। अभिषेक का आरोप है कि हमलावरों ने उनके कार्यालय में भी तोड़फोड़ की और उनके चार-पांच समर्थक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

हालात बेकाबू होने पर पुलिस को लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा था। घटना के विरोध में अभिषेक बनर्जी शुक्रवार रात को ही धरने पर बैठ गए थे और पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक भी हुई थी। शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे पुलिस के समझाने-बुझाने के बाद वे घर के अंदर गए।

इस बीच, शनिवार सुबह घटना का जायजा लेने पहुंचीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कालीघाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी (ओसी) बलाई बाग और कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद पर जमकर निशाना साधा। ममता ने ओसी को चेतावनी देते हुए कहा, “कुछ थाने जो कर रहे हैं, वह मैं जानती हूं। यहां एक नया व्यक्ति लाया गया है… याद रखें, यदि जनाक्रोश भड़का तो क्या होगा!”

उन्होंने पुलिस कमिश्नर अजय नंद के इस्तीफे की भी मांग करते हुए कहा कि विनीत गोयल ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था, लेकिन आपने ऐसा नहीं किया। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर की पूजा में लोगों को शामिल होने से रोकने के लिए उनके घर के सामने वाली सड़क पर ‘अवैध रूप से’ एक अन्य पूजा का आयोजन किया जा रहा है।

शनिवार दोपहर को भी इलाके में फिर से तनाव फैल गया था, जिसे पुलिस ने समय रहते नियंत्रित कर लिया। फिलहाल पुलिस इलाके में गश्त कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है।