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रांची, 04 नवंबर। रांची के बड़गांई की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े घोटाले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दो याचिकाओं पर बुधवार को झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई। इन याचिकाओं में मुख्यमंत्री की डिस्चार्ज पिटीशन खारिज करने और अभियोजन स्वीकृति के बिना संज्ञान लेने के पीएमएलए कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।

सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से ईडी के जवाब पर प्रतिउत्तर दाखिल करने के लिए समय मांगा गया। इसके बाद अदालत ने दोनों मामलों की अगली सुनवाई के लिए दो दिसंबर की तारीख निर्धारित की। ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा।

उल्लेखनीय है कि बड़गांई की उक्त जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े के मामले में ईडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह समेत कई जमीन कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच पूरी करने के बाद ईडी ने आरोपितों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था। ईडी की विशेष अदालत अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह समेत 17 आरोपितों के खिलाफ आरोप गठित कर चुकी है।

आरोप गठित किए गए लोगों में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप, अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद शामिल हैं।