गुवाहाटी, 31 अक्टूबर । असम में देश का पहला सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र का प्रोटॉन बीम थेरेपी केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 600 करोड़ रुपये की लागत वाले एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह पहल असम, पूर्वोत्तर और पूरे देश के लिए ऐतिहासिक होगी। दुनिया की सबसे आधुनिक कैंसर उपचार तकनीकों में शामिल प्रोटॉन बीम थेरेपी को सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, फिलहाल भारत में प्रोटॉन बीम थेरेपी की सुविधा केवल निजी अस्पतालों में उपलब्ध है, जहां इस उपचार पर करीब 50 लाख रुपये तक खर्च आता है। प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से इस अत्याधुनिक तकनीक को आम मरीजों के लिए अधिक सुलभ और किफायती बनाने का प्रयास किया जाएगा।
प्रोटॉन बीम थेरेपी में अत्यधिक सटीकता के साथ ट्यूमर को निशाना बनाया जाता है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुंचता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह तकनीक बच्चों सहित उपयुक्त मरीजों के कैंसर उपचार में विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकती है।
राज्य में कैंसर उपचार सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि असम में कुल 17 कैंसर अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पहले से ही संचालित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामुदायिक स्तर पर नियमित जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के कार्यक्रमों के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन तथा बुनियादी ढांचे के विकास पर लगातार निवेश किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य असम को कैंसर उपचार के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करना है।
