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कोलकाता, 28 अक्टूबर। पश्चिम बंगाल विधानसभा में बुधवार को उपचुनाव जीतकर आए भारतीय जनता पार्टी के दो नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक साखारव सरकार और नंदीग्राम से नवनिर्वाचित भाजपा विधायक हासीरानी रथ को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने दोनों नए विधायकों को अंगवस्त्र पहनाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। शपथ ग्रहण के दौरान सदन का माहौल उस समय पूरी तरह से बदल गया जब भाजपा विधायकों ने ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के जोरदार नारे लगाए, जिससे संपूर्ण सदन गूंज मन हो उठा

इस समारोह में सबसे अधिक चर्चा का विषय रेजीनगर से 2026 के आम विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले नेता हुमायूं कबीर की अनुपस्थिति रही। हुमायूं कबीर इस दौरान सदन से नदारद रहे।

गौरतलब है कि रेजीनगर उपचुनाव में अपनी पार्टी की हार के बाद कबीर ने यह ऐलान किया था कि जब तक शुभेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री रहेंगे, तब तक विधानसभा की 88 नंबर सीट (जहां वह बैठते हैं) हमेशा खाली रहेगी और वह विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे। दरअसल हालिया उपचुनाव में इन दोनों विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे में भाजपा ने जोरदार जीत दर्ज की है।

रेजीनगर जैसी मुस्लिम बहुल सीट पर भाजपा ने एक बड़ी राजनीतिक सेंधमारी करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। भाजपा उम्मीदवार साखारव सरकार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी, आम जनता उन्नयन पार्टी के उम्मीदवार गुलाम नबी आजाद (हुमायूं कबीर के बेटे) को भारी अंतर से पराजित किया। साखारव सरकार को 1,29,914 वोट मिले और उन्होंने 75,816 वोटों के विशाल अंतर से यह जीत हासिल की। ज्ञात हो कि हुमायूं कबीर ने 2026 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उन्होंने नाओदा सीट अपने पास रखा और रेजीनगर सीट छोड़ दी थी, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराना पड़ा था।

इसी तरह नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार हासीरानी रथ ने एकतरफा और प्रचंड जीत हासिल की है, जहां उनकी बढ़त एक लाख वोटों के आंकड़े को पार कर गई थी। हासीरानी रथ की राजनीतिक उम्मीदवारी एक भावुक पहलू भी समेटे हुए है। दरअसल, वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व करीबी सहयोगी और निजी सहायक (पीए) दिवंगत चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जिनकी मई 2026 में विधानसभा चुनावों के ठीक बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीट पर जहां से शुभेंदु ने आम चुनाव जीता था वहां उन्हें उम्मीदवार बनाया गया था।