नई दिल्ली, 20 अक्टूबर । कांग्रेस ने महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त बीड़ जिले में ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मजदूरी में अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीणों को महीनों से काम नहीं मिला, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें काम करते हुए दिखाया गया है। कांग्रेस ने मनरेगा की जगह लाई गई विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना (वीबी-जी राम जी योजना) को ग्रामीण भारत के सामाजिक सुरक्षा तंत्र पर प्रहार बताया।
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में एक न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ये आरोप लगाए। रमेश ने आरोप लगाया कि स्थानीय राजनीतिक लोग मजदूरों की मजदूरी हड़प रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश और भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी फर्जी हाजिरी और क्लोन ऐप के जरिए गड़बड़ी के आरोपों का उल्लेख किया। उन्होंने इसे केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि मजदूरों की कमाई की व्यवस्थित चोरी बताया।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में बीड़ जिले में चार अक्टूबर को कई कार्यस्थलों के रिकॉर्ड में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन मौके पर जांच के दौरान मजदूर नहीं मिले। रिपोर्ट में जिला प्रशासन के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि अनियमितताओं के सामने आने के बाद पिछले चार महीनों में 23 हजार प्रविष्टियां खारिज की गईं।
रमेश ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण परिवारों के लिए संकट के समय रोजगार की गारंटी थी। नई योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों के अधिकार और उनकी मजदूरी सुरक्षित नहीं रह गई है।
