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चंडीगढ़, 15 अक्टूबर । पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में गुरुवार सुबह 6 बजे से पंजाब बंद शुरू हो गया। झोटा के परिवार की ओर से किए गए बंद के आह्वान को किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और व्यापारिक संगठनों का समर्थन मिला है। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बंद शाम 5 बजे तक जारी रहने का ऐलान किया गया है।

झोटा के पिता और पूर्व सैनिक भीम सिंह ने सुबह लोगों से सड़कों पर उतरकर बंद को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि के बावजूद लोग आंदोलन में शामिल हों और नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि बंद के दौरान एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को रास्ता दिया जा रहा है। कई निजी शिक्षण संस्थानों ने भी गुरुवार को छुट्टी घोषित की है। हालांकि, सुबह करीब 8 बजे तक मालवा के कुछ जिलों में बंद का असर सीमित दिखाई दिया।

अमृतसर में सुबह करीब 7 बजे गोल्डन गेट पर किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेतृत्व में किसानों और विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशे के कारोबार पर लगाम लगाने और युवाओं को नशे से बचाने में विफल रही है। उन्होंने झोटा की हत्या का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।

बठिंडा जिले के रामपुरा फूल चौक पर मौर चौक के पास राजमार्ग अवरुद्ध करने की कोशिश कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लेने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पहले मंडी कलां अनाज मंडी में एकत्रित होंगे और इसके बाद दोबारा सड़क जाम करने के लिए आगे बढ़ेंगे। विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों के बीच पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

परविंदर सिंह झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल में रखा हुआ है। परिवार की सहमति नहीं मिलने के कारण अभी तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। परिवार और मामले में न्याय की मांग को लेकर गठित एक्शन कमेटी ने मांग की है कि पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित पीजीआई के डॉक्टरों के पैनल से कराया जाए। एक्शन कमेटी ने बंद के दौरान लोगों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील की है। साथ ही प्रशासन से कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है।

झोटा के परिवार और एक्शन कमेटी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के इस्तीफे की मांग की है। इसके अलावा झोटा हत्याकांड की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराई जाए। संबंधित जिला ड्रग इंस्पेक्टर, एसएसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी को बर्खास्त किया जाए। प्रदर्शनों के सिलसिले में हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाए। राज्य में नशे के कारोबार पर रोक लगाने और युवाओं को बचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए आदि उनकी प्रमुख मांगें रही।

परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद पंजाब में नशे के मुद्दे और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक तथा सामाजिक संगठनों का विरोध तेज हो गया है। परिवार और समर्थक मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

गुरुवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में पंजाब बंद के दौरान प्रदर्शन जारी रहे। बंद का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग दिखाई दिया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने आपातकालीन सेवाओं को बाधित नहीं करने की बात कही है।–