श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सहयोगी माखनलाल सरकार करेंगे कोलकाता में दुर्गा पूजा का उद्घाटन

कोलकाता, 13 अक्टूबर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सहयोगी रहे 97 वर्षीय माखनलाल सरकार इस वर्ष कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन करेंगे। वह महानगर के बालीगंज और ढाकुरिया स्थित पूजा पंडालों का उद्घाटन करने पहुंचेंगे। पूजा आयोजकों के अनुसार, वर्ष 1952 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की ऐतिहासिक कश्मीर यात्रा में उनके साथ रहे माखनलाल सरकार के योगदान और उनके लंबे सार्वजनिक जीवन को देखते हुए उन्हें यह सम्मान देने का निर्णय लिया गया है।

माखनलाल सरकार ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि उनका बचपन बांग्लादेश के कोमिल्ला में बीता। वहां दुर्गा पूजा से जुड़ी यादें आज भी उनके मन में ताजा हैं। इसके अलावा, सिलीगुड़ी के टाउन स्टेशन की दुर्गा पूजा भी उनके जीवन की खास स्मृतियों में शामिल है। उस समय टॉय ट्रेन के जरिए मां दुर्गा की प्रतिमा लाने का प्रसंग उन्हें आज भी याद है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ दुर्गा पूजा को लेकर होने वाली बातचीत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आजादी के शुरुआती वर्षों में देश के सामने गरीबी दूर करने और नए भारत के निर्माण की बड़ी चुनौती थी। ऐसे माहौल में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ उनकी बातचीत मुख्य रूप से राजनीति और संगठनात्मक विषयों पर ही केंद्रित रहती थी।

इस वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान माखनलाल सरकार गाईघाटा स्थित अपनी बेटी के घर पर समय बिताएंगे। इस दौरान वह अपने नाती-पोतों के साथ रहेंगे और परिवार के बीच पुरानी यादों को ताजा करेंगे।

माखनलाल सरकार वर्ष 1945 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए हैं। वर्ष 1980 में राजनीतिक दल के गठन के बाद उन्होंने पश्चिम दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग में संगठनात्मक समन्वयक की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा, वह सात वर्षों तक जिलाध्यक्ष भी रहे।

बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। इस घटना ने भी उन्हें चर्चा में ला दिया था।

राज्य की नई सरकार के शुरुआती पांच महीनों के कामकाज पर संतोष व्यक्त करते हुए माखनलाल सरकार ने मुख्यमंत्री को बेरोजगारी दूर करने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। उनका मानना है कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।

उम्र के इस पड़ाव पर भी माखनलाल सरकार बेहद अनुशासित जीवन जीते हैं। वह सुबह साढ़े पांच बजे उठकर सैर पर जाते हैं और खान-पान में विशेष संयम बरतते हैं। लाल चाय, सत्तू और दूध-रोटी उनके नियमित आहार का हिस्सा हैं। वह आमतौर पर रात साढ़े नौ बजे तक सो जाते हैं।

हालांकि, क्रिकेट मैच के दौरान उनकी दिनचर्या में बदलाव हो जाता है। क्रिकेट के प्रति उनका खास लगाव है और मैच देखने के लिए वह देर तक जागते भी हैं। पहले रेडियो पर महालया सुनने वाले माखनलाल अब टेलीविजन पर इसका आनंद लेते हैं। अपने समय का बड़ा हिस्सा वह परिवार के साथ बिताते हैं और अपनी तीन पोतियों के साथ पुरानी यादें साझा करते हैं।

लंबे राजनीतिक और संगठनात्मक जीवन, ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े अनुभवों और सादगीपूर्ण जीवनशैली के कारण माखनलाल सरकार आज भी अपने क्षेत्र में सम्मानित हैं। इस वर्ष दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन उनके लिए अतीत की यादों और वर्तमान के पारिवारिक जीवन के बीच एक खास अवसर होगा।