पलामू, 28 सितंबर। रांची के तिरिल स्थित सीआरपीएफ कैंप में ड्यूटी के दौरान सर्विस राइफल से खुद को गोली मारने वाले हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के इमलिया टीकर के स्थायी निवासी सीआरपीएफ जवान भुवनेश्वर पाल का सोमवार को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
48 वर्षीय जवान का पार्थिव शरीर घटना के दूसरे दिन सुबह पैतृक गांव पहुंचा। रामबीघा स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर आंख नम थी और परिवार के बीच जवान की मौत को लेकर कई सवाल थे।
सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद रामबीघा से निकली अंतिम यात्रा देवरी कला स्थित सोन नदी के मुक्तिधाम घाट पर पहुंची। यहां सीआरपीएफ जवानों, पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। जवान के पुत्र सचिन पाल ने मुखाग्नि दी।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 7.30 बजे तिरिल स्थित सीआरपीएफ कैंप में ड्यूटी के दौरान भुवनेश्वर पाल ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली थी। घटना की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गए भुवनेश्वर के निधन से पूरा परिवार सदमे में है। ग्रामीण उन्हें मिलनसार और खुशमिजाज व्यक्ति के रूप में याद कर रहे हैं।
जवान के बेटे सचिन पाल और बेटी अलका प्रिया ने सीआरपीएफ के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों पर उनके पिता को कथित रूप से मानसिक दबाव में रखने का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, 26 सितंबर को फोन पर बातचीत में भुवनेश्वर पाल ने वरिष्ठ अधिकारी सीके चक्रवर्ती की ओर से डांट-फटकार करने की बात कही थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि डीआईजी स्तर के अधिकारी की ओर से काम को लेकर दबाव बनाया जा रहा था और नौकरी छोड़ने की बात तक कही गई थी।
परिजनों का दावा है कि भुवनेश्वर पाल को मेस ड्यूटी में लगाए जाने को लेकर भी परेशानी थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जवान की मौत के वास्तविक कारण और अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है। हालांकि, अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जवान ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसके पीछे क्या कारण थे और क्या किसी प्रकार का कार्यस्थलीय दबाव था, इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
अंतिम यात्रा में हुसैनाबाद थाना प्रभारी चंदन कुमार, सीआरपीएफ अधिकारी-जवान, वार्ड पार्षद राजेंद्र पाल, धर्मेंद्र पाल, अशोक पाल, कृष्णा बैठा, पूर्व मुखिया अरविंद पासवान सहित बड़ी संख्या में रिश्तेदार एवं ग्रामीण शामिल हुए।
