मुख्यमंत्री पर विवादित बयान के बाद हुमायूं कबीर का यू-टर्न

मुर्शिदाबाद, 28 सितंबर ।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को लेकर आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के विवादित बयान पर सियासी घमासान के बीच अब उन्होंने सफाई दी है। अपने बयान को लेकर चौतरफा आलोचना और शिकायतों के बाद हुमायूं कबीर ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम लेकर उनकी मृत्यु की कामना नहीं की थी। उनका मुख्य आरोप पुलिस की कथित कार्रवाई और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को परेशान किए जाने को लेकर था। सोमवार को उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की लंबी उम्र की कामना करते हैं और चाहते हैं कि वह अपना पूरा कार्यकाल पूरा करें तथा भविष्य में देश के प्रधानमंत्री बनें।

उल्लेखनीय है कि रविवार को हुमायूं कबीर के एक विवादास्पद बयान को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया था। रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के बीच पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसे मुख्यमंत्री की मृत्यु की कामना के तौर पर देखा गया। उनके बयान के बाद विरोध शुरू हुआ और बहारमपुर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई।

विवाद बढ़ने के बाद हुमायूं कबीर ने अपने बयान की व्याख्या करते हुए कहा कि उनका गुस्सा पुलिस की कथित भूमिका को लेकर था। उनका आरोप है कि आम जनता उन्नयन पार्टी के कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है, उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं और चुनाव प्रचार में उनके साथ जाने वाले लोगों को भी क्षेत्र छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसी संदर्भ में उन्होंने बयान दिया था।

इसके बाद हुमायूं कबीर ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की लंबी उम्र की कामना करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री अपना पूरा कार्यकाल पूरा करें और भविष्य में देश के प्रधानमंत्री बनें। इस सफाई के बाद उनके पहले बयान को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है।

हुमायूं कबीर ने अपने विवादित बयान में कहा था कि जिस तरह रात के अंधेरे में पुलिस के जरिए उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर कथित अत्याचार किया जा रहा है, वह अल्लाह से दुआ करेंगे कि मुख्यमंत्री जल्द से जल्द दुनिया से चले जाएं और अल्लाह उनका टिकट काट दें। उन्होंने सत्ता के बाद मुख्यमंत्री पर अहंकार का आरोप लगाते हुए कहा था कि अहंकार का अंत होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अजीत पवार और माधवराव सिंधिया जैसे राजनीतिक नेताओं की मौत का भी संदर्भ दिया था।

बाद में अपने इसी बयान पर सफाई देते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम लेकर ऐसी बात नहीं कही थी और उनकी टिप्पणी पुलिस की कथित ज्यादती के संदर्भ में थी। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री की लंबी उम्र की कामना करते हुए कहा कि वह अपना कार्यकाल पूरा करें और भविष्य में प्रधानमंत्री बनें।

यह पूरा विवाद रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के बीच सामने आया है। रेजीनगर सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। हुमायूं कबीर ने 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नौदा दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखते हुए रेजीनगर सीट खाली कर दी थी।