कोलकाता, 13 सितंबर । दुर्गापूजा को लेकर पश्चिम बंगाल में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा विधायक विराज विश्वास ने वामपंथी दलों के पुस्तक स्टॉल को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि स्टॉल पर ‘दुर्गापूजा’ नहीं लिखा गया तो वह खुद जाकर स्टॉल तोड़ देंगे।
करनदिघी के भाजपा विधायक विराज विश्वास ने कहा कि जिन लोगों के लिए धर्म का कोई महत्व नहीं है, उन्हें दुर्गापूजा में स्टॉल लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “वे (वामपंथी) धर्म को अफीम मानते हैं। उनके लिए पूजा नहीं है। स्टॉल देने की जरूरत नहीं है। अगर स्टॉल पर दुर्गापूजा लिखा नहीं रहेगा तो मैं वहां जाकर स्टॉल तोड़ दूंगा।”
विधायक के बयान पर माकपा के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने भी इसी तरह की बातें कही थीं। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में कानून का शासन नहीं रहेगा तो इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को लेनी होगी।
इससे पहले शनिवार को गणेश पूजा के उद्घाटन मंच से भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी वामपंथियों पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि 34 वर्षों के वाम शासन के दौरान लोगों को पूजा, पंचांग, शास्त्र, पुरोहित, मंत्रोच्चार और सात्त्विकता से दूर किया गया। उन्होंने कहा कि बामपंथी दुर्गापूजा नहीं लिखेंगे और महालया नहीं सुनेंगे। उनके पुस्तक स्टॉल पर स्वामी विवेकानंद और भारत सेवाश्रम संघ से जुड़ी पुस्तकों के बजाय कार्ल मार्क्स और लेनिन की किताबें मिलेंगी।
शुभेंदु के बयान पर माकपा नेता शतरूप घोष ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि करीब 120 वर्ष पहले बंगाल के लोगों को मार्क्स और लेनिन की किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करने वालों में स्वामी विवेकानंद के अपने भाई और क्रांतिकारी भूपेंद्रनाथ दत्त भी शामिल थे।
