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नई दिल्ली, 12 सितंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और अबू धाबी के बीच द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक चर्चा की।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भागीदारी देश के रूप में अबू धाबी की भागीदारी का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने इस वर्ष जनवरी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की भारत यात्रा और मई में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा के दौरान हुई महत्वपूर्ण प्रगति को याद किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स में यूएई की सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी की सराहना की। दोनों नेताओं ने शिखर सम्मेलन में सामने आए सकारात्मक परिणामों का स्वागत करते हुए साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने तथा ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत करने के लिए मिलकर काम जारी रखने पर सहमति जताई।

बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) द्वारा ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर के इंटीग्रेटेड ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट में निवेश की घोषणा का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने उम्मीद जताई कि यह परियोजना ओडिशा को वैश्विक एल्युमीनियम विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

बैठक में यूएई के नए सॉवरेन इन्वेस्टमेंट फंड ‘एल’आईएमएडी’ की भूमिका पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने माना कि यह फंड भारत और अबू धाबी के बीच आर्थिक साझेदारी को पारस्परिक लाभ के लिए और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इसके अलावा, रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे रणनीतिक एवं उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी दोनों नेताओं ने विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत और यूएई के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।