बोकारो , 5 सितंबर । बोकारो जिले के उपनगर चास की लाइफ लाइन माना जाने वाला सोलगीडीह तालाब इन दिनों बदहाल है। जलकुंभी ने पूरे तालाब को अपनी चपेट में ले लिया है। अब यह तालाब के बजाय किसी हरे मैदान की तरह नजर आ रहा है। चास नगर निगम क्षेत्र के इस सबसे बड़े तालाब से प्रतिदिन हजारों लोगों का वास्ता पड़ता है, लेकिन जलकुंभी और दूषित पानी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोग इस तालाब का उपयोग पूजा-पाठ सहित विभिन्न धार्मिक कार्यों के लिए करते हैं। छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और तालाब के किनारे पूजा-अर्चना करते हैं।
उल्लेखनीय है कि कुछसमय पूर्व चास नगर निगम ने लाखों रुपए खर्च इस तालाब का सौंदर्यकरण किया था।
तालाब के पानी के दूषित हो जाने से आसपास रहने वालों का जीना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि दूषित पानी और जलकुंभी के कारण उठने वाली दुर्गंध से उन्हें परेशानी हो रही है।
स्थानीय पार्षद के आग्रह पर चास नगर निगम की ओर से तालाब की सफाई का काम शुरू किया गया है। प्रतिदिन जलकुंभी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस प्रयास को नाकाफ बताते हुए मांग की है कि मामूली सफाई से काम नहीं चलेगा, मशीनों के जरिए बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाकर इस तालाब को फिर से साफ और उपयोगी बनाया जाना चाहिए।
निकाली गई जलकुंभी को सड़क किनारे जमा कर दिए जाने से राहगीरों और स्थानीय लोगों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
