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पश्चिम बर्दवान, 02 सितंबर । आसनसोल और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार से जारी तेज बारिश का सिलसिला बुधवार सुबह तक लगातार जारी रहा। ताजा मौसम रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में आसनसोल में 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जबकि दामोदर नदी की सहायक गरुई नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

लगातार बारिश, जलभराव और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए शहर के कई संवेदनशील मार्गों और पुलों पर एहतियातन यातायात रोक दिया गया है। पुलिस और प्रशासन की ओर से विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग कर लोगों एवं वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जा रही है.

आसनसोल के लिए बुधवार सुबह जारी मौसम संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है।

वातावरण में नमी का स्तर भी काफी अधिक रहा। अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 100 प्रतिशत, जबकि न्यूनतम सापेक्षिक आर्द्रता 97 प्रतिशत दर्ज की गई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक सितंबर 2026 की सुबह से दो सितंबर 2026 की सुबह तक कुल 115.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा आसनसोल में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई अत्यधिक बारिश की गंभीरता को दर्शाता है। बारिश का असर पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ता जा रहा था।

लगातार हो रही भारी बारिश का सीधा असर दामोदर नदी की सहायक नदी गरुई पर भी पड़ा है। गरुई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण नदी के आसपास स्थित निचले और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन की ओर से लोगों से कहा गया है कि वे गरुई नदी और उसके आसपास के इलाकों में अनावश्यक रूप से न जाएं तथा पानी के तेज बहाव और जलमग्न क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।

बताया जा रहा है कि कल्याणपुर हाउसिंग पुल सहित कई संवेदनशील पुलों और मार्गों पर यातायात नियंत्रित किया गया है। विशेष रूप से रेलपार क्षेत्र के कई पुलों और संपर्क मार्गों पर भी स्थिति को देखते हुए आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है।

पुलिस की ओर से विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति या वाहन बढ़ते जलस्तर, तेज बहाव अथवा जलमग्न मार्गों वाले खतरनाक क्षेत्रों में प्रवेश न कर सके।

भारी बारिश और गरुई नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुलिस ने शहर के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। जलभराव वाले मार्गों, पुलों और नदी किनारे के क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।

सिविल डिफेंस, नगर निगम, पुलिस और प्रशासनिक टीमें लगातार राहत, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सामान्य करने में जुटी हुई हैं। बारिश और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा स्थिति के अनुसार आगे आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।