हुगली, 31 अगस्त । नेपाल में प्राकृतिक आपदा के बीच मौत के मुंह से बचकर सोमवार को घर लौटीं उत्तरपाड़ा की 69 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका अंजना सान्याल। नेपाल में नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण उनका कैलाश मानसरोवर जाने का सपना इस बार अधूरा रह गया। हालांकि, इस भयावह अनुभव के बावजूद उनके मन में कैलाश जाने की इच्छा बरकरार है। अंजना का कहना है कि अगली बार जरूरत पड़ी तो 70 वर्ष की उम्र में भी हेलीकॉप्टर से कैलाश जाएंगी।
अंजना सान्याल कोलकाता की एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए 17 सदस्यीय दल के साथ नेेपाल गई थीं। बीते 26 अगस्त को दल काठमांडू से बस के जरिए चीनी इमिग्रेशन कार्यालय की ओर रवाना हुआ था। रास्ते में बस कुछ देर के लिए रुकी, जहां यात्रियों ने चाय आदि ली। करीब दस मिनट बाद बस फिर रवाना हुई। इसी बीच चालक को भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आने की सूचना मिली। खतरे को भांपते हुए चालक ने तत्काल बस वापस मोड़ दी और पूरा दल काठमांडू लौट आया।
अंजना ने बताया कि मानसरोवर और कैलाश की यात्रा के दौरान वे प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से बाल-बाल बचीं। उनका कहना है कि कैलाश में विराजमान भगवान की कृपा से उन्हें नया जीवन मिला है। यात्रा अधूरी रह जाने का उन्हें अफसोस जरूर है, लेकिन वह अगली बार कैलाश जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
लंबे समय से घूमने-फिरने की शौकीन अंजना देश-विदेश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा कर चुकी हैं। कोलकाता की तीन अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के साथ उन्होंने कई यात्राएं की हैं। हालांकि, नेपाल की इस यात्रा का अनुभव उनके लिए बेहद भयावह रहा। इसके बावजूद कैलाश मानसरोवर के दर्शन का उनका संकल्प कायम है।
