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पश्चिम बर्दवान, 23 अगस्त । बर्दवान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति झा आजाद के खिलाफ रानीगंज थाने में गंभीर आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। शनिवार रात इस मामले को सीआईडी ने अपने हाथ में लेकर जांच शुरू कर दी है। शिकायत रानीगंज हल बस्ती इलाके के निवासी राहुल घोष ने दर्ज कराई है।

सूत्रों के अनुसार, शिकायत में सांसद कीर्ति आजाद के अलावा उनके निजी सुरक्षा अधिकारी मनोहर सिंह, ठेकेदार व कथित संपर्क व्यक्ति विश्वजीत चटर्जी, सांसद के प्रतिनिधि स्वराज घोष और निजी सहायक पुरुषोत्तम को नामजद आरोपी बनाया गया है।

पुलिस के अनुसार, रानीगंज थाना कांड संख्या 352/2026 में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में लगाई गई धाराओं में एक गैर-जमानती धारा भी शामिल होने की बात सामने आई है।

राहुल घोष की शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2025 में सांसद के निजी सुरक्षा अधिकारी मनोहर सिंह का फोन आने के बाद उन्होंने दुर्गापुर स्थित सांसद के बंगले पर जाकर मुलाकात की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वहां सांसद की ओर से उन पर एचपी गैस की उप-डीलरशिप से संबंधित गतिविधियां बंद करने का दबाव बनाया गया और कथित तौर पर 15 लाख रुपये की मांग की गई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्थानीय व्यापारियों से कथित तौर पर अवैध रूप से धन एकत्र करने के निर्देश दिए गए।

शिकायतकर्ता का दावा है कि सांसद के सहयोगियों के कथित निर्देशों का पालन नहीं करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

रानीगंज थाने में शुक्रवार रात प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शनिवार रात मामले को सीआईडी ने अपने हाथ में ले लिया। अब सीआईडी की टीम शिकायत में लगाए गए आरोपों, प्राथमिकी में दर्ज धाराओं और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच करेगी।

रानीगंज थाने में किसी मौजूदा सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की बात को लेकर भी यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इधर, सांसद कीर्ति आजाद का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।