
बीरभूम, 17 अगस्त। जिले के तारापीठ में एक होटल में भीषण आग लगने से सात लोगों की मौत के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक ध्रुव साहा ने तारापीठ-रामपुरहाट विकास प्राधिकरण (टीआरडीए) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि घनी आबादी वाली संकरी गली में होटल निर्माण की अनुमति कथित तौर पर पैसों के लेन-देन के आधार पर दी गई।
सोमवार दोपहर पत्रकारों से बातचीत में विधायक ध्रुव साहा ने कहा कि इतनी भीड़भाड़ वाली जगह पर होटल निर्माण की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। उन्होंने होटल में अग्निशमन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।
विधायक ने आरोप लगाया कि आग लगने की सूचना मिलने के बावजूद दमकल विभाग को मौके पर पहुंचने में काफी समय लगा। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी इमारत में पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था नहीं थी और पूरा भवन बेहद असुरक्षित स्थिति में था। साहा ने सवाल उठाया कि टीआरडीए ने होटल को अनुमति देने से पहले अग्निसुरक्षा व्यवस्था की जांच क्यों नहीं की।
ध्रुव साहा ने कहा कि होटल को अनुमति दिए जाने में भ्रष्टाचार की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और सात लोगों की मौत के लिए आखिर जिम्मेदारी किसकी है, इसका जवाब मिलना चाहिए।
गौरतलब है कि रामपुरहाट विधानसभा क्षेत्र के पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक और पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष आशीष बनर्जी की रविवार को उनके आवास स्थित पार्टी कार्यालय के एक कमरे में मौत हो गई थी। घटनास्थल से मिले कथित सुसाइड नोट में टीआरडीए में कथित भ्रष्टाचार का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई थी। नोट में यह भी दावा किया गया था कि पूर्व विधायक रहते हुए वह इस कथित भ्रष्टाचार को रोकने में खुद को असहाय महसूस कर रहे थे।
अब मौजूदा भाजपा विधायक ध्रुव साहा द्वारा भी टीआरडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने से प्राधिकरण की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
इधर, बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज बुंदेश ने कहा कि होटल में पर्याप्त अग्निसुरक्षा व्यवस्था नहीं होने संबंधी आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, होटल मालिक कल्याण पॉल को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि घटना में जिन लोगों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम भी पहुंच चुकी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि होटल के पास वैध फायर लाइसेंस और आवश्यक अग्निसुरक्षा अनुमतियां थीं या नहीं।
सात लोगों की मौत के बाद अब जांच का केंद्र होटल की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ उसके निर्माण और संचालन को मिली अनुमति की प्रक्रिया पर भी टिक गया है।


















