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कोलकाता, 13 अगस्त। बीरभूम के रेत माफिया टुलु मंडल को कलकत्ता हाई कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देने वाली उसकी याचिका पर गुरुवार को सुनवाई से न्यायमूर्ति कौशिक चंद ने खुद को अलग कर लिया। उन्होंने कहा कि इसी मामले से संबंधित याचिका पहले से हाई कोर्ट की दूसरी पीठ में लंबित है, इसलिए सभी याचिकाओं पर एक ही पीठ को सुनवाई करनी चाहिए। इसके बाद टुलु की याचिका को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ में भेज दिया गया।

बीरभूम के मोहम्मदबाजार थाना क्षेत्र के देउचा गांव में टुलु के रिश्तेदार मिनार मंडल के घर से करीब 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद होने के बाद से पुलिस टुलु की तलाश कर रही है। जांच के दौरान उसकी अकूत संपत्ति का भी पता चला है और इनमें से कई संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। हालांकि, अब तक पुलिस टुलु को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

गिरफ्तारी से बचते हुए टुलु ने पहले हाई कोर्ट में सुरक्षा की मांग की थी। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ में उसने गिरफ्तारी से संरक्षण की मांग की थी। इसके बाद उसने अपने खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए एक और याचिका दायर की। गुरुवार को उसने न्यायमूर्ति कौशिक चंद की पीठ के समक्ष मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था। लेकिन दूसरी पीठ में मामला लंबित होने के कारण न्यायमूर्ति चंद ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। इसी पीठ में टुलु ने अपनी संपत्ति जब्त किए जाने की प्रक्रिया को भी चुनौती दी थी, लेकिन इस मामले में भी उसे तत्काल कोई राहत नहीं मिली।

इधर, गिरफ्तारी वारंट के अलावा टुलु के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है। सिउड़ी के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत ने उसे शुक्रवार सुबह 10:30 बजे तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। निर्धारित समय तक यदि टुलु व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश नहीं होता है, तो उसे घोषित अपराधी के रूप में चिह्नित किया जा सकता है।

प्रशासन की ओर से गुरुवार सुबह सिउड़ी के सुभाषपल्ली इलाके में स्थित टुलु के घर पर इस संबंध में नोटिस भी चिपकाया गया। इसके बाद ही टुलु ने हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, वहां से उसे गिरफ्तारी से तत्काल राहत नहीं मिली और संपत्ति जब्ती के मामले में भी फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्या टुलु शुक्रवार को अदालत के आदेश का पालन करते हुए सिउड़ी अदालत में पेश होता है या नहीं।

टुलु के रिश्तेदार मिनार मंडल को घर से नकदी और सोना बरामद होने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद टुलु से जुड़े कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर टुलु के ठिकाने का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से ही टुलु फरार है। इसके बाद से उसे इलाके में नहीं देखा गया है। वह कहां छिपा हुआ है, इसकी जानकारी पुलिस को अब तक नहीं मिल सकी है। पुलिस ने टुलु के ससुराल, रिश्तेदारों और करीबी लोगों के घरों पर भी तलाशी अभियान चलाया है।