कोलकाता, 04 अगस्त । चुनाव में हार के बाद से सार्वजनिक तौर पर कम नजर आने वाली तृणमूल कांग्रेस की पूर्व मंत्री और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. शशि पांजा को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि उन्होंने तृणमूल से अलग रुख रखने वाली एनसीपीआई सांसद काकली घोष दस्तीदार से मुलाकात की है। इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या शशि पांजा तृणमूल नेतृत्व से दूरी बना रही हैं?
हालांकि, इन अटकलों को लेकर काकली घोष दस्तीदार ने कहा कि डॉ. शशि पांजा अभी भी उनके घोष दस्तीदार इंस्टीट्यूट ऑफ फर्टिलिटी रिसर्च में कार्यरत हैं। वहीं कालीघाट तृणमूल के विधायक कुणाल घोष ने दावा किया कि शशि पांजा अभी भी तृणमूल के साथ हैं और उनके रुख में बदलाव की कोई जानकारी नहीं है।
इस बीच काकली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. वैद्यनाथ घोष दस्तीदार के एक फेसबुक पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में और चर्चा बढ़ा दी है। उन्होंने दावा किया कि उनकी मां ने उनके आईवीएफ केंद्र में दो पूर्व प्रभावशाली मंत्रियों और तीन मौजूदा सांसदों के साथ बैठक की है। हालांकि उन्होंने किसी का नाम सार्वजनिक नहीं किया।
इसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन नेताओं में शशि पांजा भी शामिल हैं। सोमवार को शशि पांजा के गिरीश पार्क स्थित आवास और पार्टी कार्यालय में उनकी मौजूदगी नहीं मिली। हालांकि, वह भवानीपुर स्थित घोष दस्तीदार इंस्टीट्यूट ऑफ फर्टिलिटी रिसर्च गई थीं और दोपहर में वहां से निकल गईं। शशि पांजा की बेटी और पूर्व पार्षद पूजा पांजा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन का जवाब नहीं दिया और व्हाट्सऐप संदेशों का भी कोई उत्तर नहीं दिया।
कुणाल घोष ने कहा कि चुनाव के बाद वह अपनी छोटी बेटी के पास बाहर गई थीं। वापस आने के बाद वह कोलकाता में हैं। मेरी जानकारी के अनुसार वह तृणमूल में ही हैं। उनके रुख में बदलाव की कोई सूचना मुझे नहीं मिली है।
कुणाल घोष का दावा है कि एनसीपीआई के कई सांसद संपर्क में हैं, वहीं काकली घोष दस्तीदार का दावा है कि कुछ और सांसद उनके खेमे में आने की इच्छा जता चुके हैं।
