झारखंड उच्‍च न्‍यायालय

रांची, 03 अगस्त । झारखंड उच्च न्यायालय ने चतरा जिला प्रशासन की ओर से विवाहित दंपतियों के लिए संचालित ‘नई पहल किट’ योजना के तहत जारी टेंडर प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 अगस्त की तिथि निर्धारित की है।

यह मामला चतरा उपायुक्त कार्यालय की ओर से 18 मई 2026 को जारी ‘नई पहल किट’ के टेंडर को चुनौती देने वाली याचिका से जुड़ा है। अभय इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर इस टेंडर को निरस्त करने की मांग की है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि इसी कार्य के लिए इससे पहले 30 मार्च 2026 को भी टेंडर जारी किया गया था। उस प्रक्रिया में सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें एल-1 (सबसे कम बोली लगाने वाला पात्र निविदाकर्ता) घोषित किया गया था। इसके बावजूद विभाग ने उस टेंडर प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया और बिना किसी स्पष्ट कारण के 18 मई 2026 को उसी कार्य के लिए दोबारा नया टेंडर जारी कर दिया।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंजनी कुमार ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि पहली टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और एल-1 घोषित किए जाने के बाद पुनः उसी कार्य के लिए नया टेंडर जारी करना नियमों के विपरीत है। उन्होंने अदालत से दूसरी बार जारी टेंडर को निरस्त करने और पहली प्रक्रिया के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने 18 मई 2026 को जारी टेंडर की प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगाते हुए राज्य सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

उल्लेखनीय है कि ‘नई पहल किट’ भारत सरकार की परिवार नियोजन कल्याण योजना (फैमिली प्लानिंग वेलफेयर स्कीम) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नवविवाहित दंपतियों को परिवार नियोजन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना है। इस योजना का क्रियान्वयन झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों में किया जा रहा है।