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राजस्थानी भाषा केंद्र और छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग तेज

जयपुर, 2 अगस्त। राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने और राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र की स्थापना की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है, लेकिन अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद उनका अनशन जारी है।

विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर छात्र पिछले 18 दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांग है कि राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू किए जाएं और राजस्थानी भाषा के लिए स्थायी अध्ययन केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि विद्यार्थी नियमित रूप से स्नातकोत्तर और शोध स्तर की पढ़ाई कर सकें। छात्रों का कहना है कि अन्य विदेशी भाषाओं के लिए विभाग उपलब्ध हैं, जबकि प्रदेश की मातृभाषा राजस्थानी को अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा है।

आंदोलन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में युवाओं के विरोध प्रदर्शन का नया स्वरूप भी देखने को मिल रहा है। इसे ‘जेन-ज़ेड’ शैली के प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें युवा रचनात्मक और प्रतीकात्मक तरीकों से अपनी मांगें उठा रहे हैं। इससे पहले एनएसयूआई से जुड़ी कुछ छात्राओं ने टोंक फाटक के पास पानी की टंकी पर चढ़कर भी विरोध प्रदर्शन किया था।

छात्रों का कहना है कि जब तक छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं किए जाते और राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र खोलने सहित उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दूसरी ओर, शुभम रेवाड़ के स्वास्थ्य को लेकर छात्र संगठनों और समर्थकों में लगातार चिंता बनी हुई है।