रामगढ़ थाना

रामगढ़, 30 जुलाई। रामगढ़ थाना क्षेत्र के न्यू बगीचा इलाके में सुमित अग्रवाल की हत्या में शामिल लोगों के नाम सामने आ गए हैं। हत्यारे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। यह दावा सुमित अग्रवाल की पत्नी मनीषा अग्रवाल ने किया है। उसने रामगढ़ थाने में एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई है जिसमें सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। उसने पुरुषोत्तम सिंह, अभिषेक साहू, सुमित सोनी, कैलाश मोदी, जाहिद अंसारी, गोविंद राय और विक्की पासवान को नामजद अभियुक्त बनाया है। साथ ही यह भी कहा है कि इन सात लोगों ने कुछ अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर सुमित अग्रवाल की धारदार हथियार से हत्या कर दी।

मृतक सुमित अग्रवाल की पत्नी मनीषा अग्रवाल ने दर्ज प्राथमिकी में घटना की रात की पूरी कहानी बयां की है। उसने बताया कि 28 जुलाई की शाम काे सुमित के नंबर पर पुरुषोत्तम सिंह ने फोन किया था। उसने यह कहा था कि लड़ाई हो रही है और तुम जल्दी आओ। इसके बाद सुमित अपने लाल रंग  की बजाज डिस्कवर बाइक से घर से निकाला और फिर कभी लौट कर वापस नहीं आया। इसके बाद सुमित का मोबाइल बंद हो गया और इसके बाद उसकी किसी से भी कोई बात नहीं हुई। 29 जुलाई की सुबह उसका शव मिला।

मनीषा अग्रवाल ने अपने पति की हत्या के मामले में जितने लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है, उनके तार आपराधिक गिरोह के साथ भी जुड़े हुए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार जिन लोगों का नाम सामने आये हैं उनके कॉल रिकॉर्ड और उनकी पूरी गतिविधियों की जांच की जा रही है। अभी तक की जांच में पांडे गिरोह से ताल्लुक़ात की बात सामने आई है। लेकिन इन लोगों की बात और किस गिरोह के साथ होती है इस पर भी जांच चल रही है।

जानकारी के अनुसार सुमित अग्रवाल पुलिस के लिए मुखबिर का काम करता था। नशे के व्यापारी और भू माफिया अक्सर उसके निशाने पर रहते थे। यहां तक कि आपराधिक वारदातों में शामिल लोगों की सूचना भी वह पुलिस तक पहुंचाता था। वह आपराधिक गिरोह से ताल्लुक़ात रखने वाले लोगों की पूरी कुंडली रखता था। कुछ महीने पहले ही गांजा तस्करी के मामले में सुमित अग्रवाल को रामगढ़ पुलिस ने जेल भेजा था। वहां से निकलने के बाद नशे के व्यापारी और भू माफिया भी उसपर अपनी निगाह रखे हुए थे।