भारत में नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में अलर्ट 01

काठमांडू, 27 जुलाई। नेपाल के सीमावर्ती जिला सुनसरी के देवानगंज में सांप्रदायिक हिंसा के बाद लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने आगजनी और तोड़फोड़ शुरू कर दी जिसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में सेना तैनात कर दिया गया है।

जिला प्रशासन के अनुसार, स्थिति नियंत्रण से बाहर होने के कारण सेना बुलाई गई। बख्तरबंद गाड़ियों और अत्याधुनिक हथियारों से लैस सेना की टुकड़ी के मैदान में उतरने के बाद ही तनावग्रस्त इलाके की स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई। सुनसरी के मुख्य जिला अधिकारी वासुदेव घिमिरे के मुताबिक सोमवार सुबह से ही निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर सड़कों पर उतरी भीड़ ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई थी।

नेपाल पुलिस और सशस्त्र प्रहरी बल की बड़ी टुकड़ी तैनात होने के बावजूद जब बढ़ती भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया, तो सेना की मदद लेनी पड़ी।

जिला प्रशासन कार्यालय सुनसरी ने बताया कि बख्तरबंद गाड़ियों के साथ सेना का सशस्त्र दस्ता कप्तानगंज पहुंचकर मैदान में उतरा, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू किया गया।

सेना के पहुंचने से पहले ही प्रदर्शनकारी पांच दुकानों में तोड़फोड़ और आगजनी कर चुके थे। पुलिस के अनुसार एक मेडिकल स्टोर, एक मोटरसाइकिल गैरेज और तीन किराना दुकानों में तोड़फोड़ की गई तथा अंदर रखा सामान सड़क पर निकालकर आग के हवाले कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि बीती रात सुनसरी के देवानगंज में मुस्लिम समुदाय के द्वारा हिंदू कांवड़ियों के जत्थे पर हमला करने के बाद प्रतिकार में उतरे हिंदू समुदाय पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग के बाद तनाव बढ़ गया था। पुलिस की गोली लगने से एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई थी, जबकि सुरक्षाकर्मियों समेत 22 लोग घायल हुए थे। मृतक की पहचान 24 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता के रूप में हुई है। वह कप्तानगंज का है।

भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, अररिया प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी

अररिया, 27 जुलाई। नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प और सांप्रदायिक तनाव के बाद भारत-नेपाल सीमा पर बिहार के अररिया जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अररिया के जिलाधिकारी (डीएम) विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक (एसपी) जितेन्द्र कुमार ने सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। दोनों अधिकारियों ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राजकिशोर कुमार के साथ फुलकाहा और घूरना थाना क्षेत्रों से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा का गहन निरीक्षण किया तथा सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) की 56वीं और 52वीं बटालियन के अधिकारियों के साथ बैठक कर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सीमा पर चौकसी और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। भारत-नेपाल सीमा से आने-जाने वाले प्रत्येक संदिग्ध व्यक्ति और वाहन की सघन जांच की जा रही है। सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल और एसएसबी के जवानों की तैनाती कर संयुक्त गश्त तेज कर दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

जिलाधिकारी विनोद दूहन ने सीमावर्ती गांवों में ग्रामीणों के साथ बैठक कर शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामाजिक तत्व की जानकारी तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को देने का आग्रह किया।

पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है तथा खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।