कारगिल के वीरों का बलिदान पूर्वी सिंह भूम

पूर्वी सिंहभूम, 26 जुलाई । कारगिल विजय दिवस की रजत जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से रविवार को गोलमुरी शहीद स्थल पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में मुख्य अतिथि कैप्टन अमित जायसवाल ने कहा कि कारगिल के वीरों का बलिदान देश के इतिहास में अमर रहेगा। कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने जिस अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि दुर्गम पहाड़ियों पर लड़ी गई यह लड़ाई भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य का प्रतीक है और आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति की सबसे बड़ी प्रेरणा बनी रहेगी।

उन्होंने पूर्व सैनिकों की ओर से आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि शहीदों की स्मृति को जीवंत रखने और समाज में राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत करने के लिए इस तरह के आयोजन अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि कारगिल के अमर बलिदानियों को सम्मान देने का पूर्व सैनिकों का यह प्रयास अनुकरणीय है और समाज को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा “वीर शहीद अमर रहें” के नारों के साथ हुई। इस दौरान कारगिल युद्ध में शहीद हुए 527 वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने शहीदों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिला महामंत्री जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कारगिल युद्ध भारतीय सेना की अदम्य वीरता और संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से देशभक्ति की भावना को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कैप्टन विक्रम बत्रा के प्रसिद्ध शब्दों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने 26 जुलाई 1999 को टाइगर हिल पर तिरंगा फहराकर पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया था।

पूर्व सैनिक हवलदार बिरजू कुमार ने कहा कि परिषद हमेशा देश के वीर शहीदों और युद्ध नायकों के सम्मान के लिए समर्पित रहेगी। उन्होंने कारगिल विजय को भारतीय सेना के अदम्य साहस और अटूट संकल्प की ऐतिहासिक मिसाल बताया।

समारोह में जितेंद्र कुमार सिंह, बिरजू कुमार, मनोज सिंह, दीपक शर्मा, जसबीर सिंह, सत्येंद्र कुमार सिंह, कृष्ण मोहन सिंह, शशि गौतम लाल, राजीव कुमार, रामबाबू सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।